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मोमेंटम झारखंड पड़ताल : करोडों कमाने वाली CII ने काम करने के लिए बस जतायी थी इच्छा

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Akshay Kr. Jha, Ranchi : मोमेंटम झारखंड आयोजन में सबसे ज्यादा किसी ने पैसे बनाया तो आयोजन करने वाली एजेंसियों ने. जो सीआईआई के जरिए आयोजन का काम कर रही थी. सीआईआई उद्योगपतियों का एक समूह है. जिसके देश भर में करीब 83,00 मेंबर हैं. सीआईआई ने सरकार से मोमेंटम झारखंड आयोजन को कराने का जिम्मा लिया. रांची से लेकर देश-विदेश जहां भी मोमेंटम झारखंड को लेकर आयोजन हुए, सभी काम सीआईआई ने किया. सीआईआई सीधे तौर पर काम नहीं करती है. काम को किसी ना किसी एजेंसी से कराती है. सरकार ने सीआईआई को EOI (Expression of Interest) के तहत काम दे दिया. यानि सीआईआई ने इस काम को करने की बस अपनी इच्छा जाहिर की थी. सीआईआई ने इच्छा जाहिर की और सरकार ने आयोजन का सारा जिम्मा उस दे दिया. सरकार ने काम को कराने के  लिए किसी तरह का कोई टेंडर निकालना सही नहीं समझा. 

JSAI  के दल को सीएम से मिलने भी नहीं दिया गया

ऐसा नहीं है कि किसी और ने इस काम को करने की इच्छा जाहिर नहीं की थी. JSAI (Jharkhand Small Industries association) ने भी इस काम को करने की इच्छा जाहिर की थी. काम के लिए आला अधिकारियों से मुलाकात भी की. JSAI की दलील थी कि अगर काम उन्हें मिलता है तो राज्य का पैसा राज्य के ही उद्योपतियों के पास जाएगा. काम करने के एवज कमीशन भी कम लगता, लेकिन सरकार की तरफ से JSAI को न कह दिया गया. अधिकारियों ने JSAI को सीएम के चेंबर तक जाने ही नहीं दिया.

सीआईआई ने वसूली भारी-भरकम रकम

सीआईआई ने विदेशों में हुए आयोजनों पर 15 फीसदी, दूसरे राज्य में हुए आयोजनों पर 10 फीसदी और रांची में हुए मोमेंटम झारखंड के आयोजन पर खर्च का आठ फीसदी कमीशन के रूप में लिया. यहां बताना जरूरी है कि आयोजन में क्या, कैसे और कितने में होना है इसका कोई बजट नहीं होता था. सीआईआई जिस एजेंसी को काम देती थी वो मनमाने बजट पर काम करती थी. जिस वजह से कमीशन भी ज्यादा बनती थी. गौर करने वाली बात ये है कि सिर्फ दो दिन में रांची में हुए आयोजन में 17,26,97,371 करोड़ रुपए खर्च हुए. इन दो दिनों में सीआईआई का सर्विस टैक्स के साथ कमीशन 1,30,64,157 करोड़ बना. मतलब एक दिन का मुनाफा 65 लाख रुपए. ये कमाई सिर्फ झारखंड में आयोजन करने से हुई. दूसरे राज्य और विदेशों में जो आयोजन हुआ उसके खर्च अलग हैं.

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