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मोदी हो गये हैं बूढ़े, भाषण कंटेंटलेस, राजनीति छोड़ें और लें चैन की नींद – जिग्नेश मेवानी

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New Delhi : गुजरात चुनाव में बीजेपी 99 सीटें जीत गई और सत्ता में फिर से वापसी कर डाली. छठी बार गुजरात में बीजेपी की वापसी ने जहां सरकार को बल दिया है. वहीं 99 सीटें लाने पर भी कहा जा रहा है कि मोदी मैजिक की चमक फीकी हो गयी है. लेकिन इस बार के गुजरात चुनाव में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, दलित नेता जिग्नेश मेवानी और ठाकोर समुदाय से आने वाले अल्पेश ठाकुर ने भी अपना मैजिक चलाया है. तीनों ही नेताओं ने कांग्रेस को सपोर्ट किया और 77 सीटें पार्टी को दिलाने में अहम भूमिका निभायी. चुनाव के बाद ये तीनों नेता गुजरात में हीरो बनकर उभरे हैं और अब निगाहें लोकसभा की ओर गड़ाये हुए हैं. इंडिया टुडे से इन तीनों नेताओं ने खुलकर बात की. गुजरात चुनाव से लेकर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पर इन्होंने अपनी बेबाक राय रखी. तीनों ही नेताओं का साफतौर पर कहना था कि नरेंद्र मोदी को राजनीति अब छोड़ देनी चाहिए. इसके अलावा तीनों ने आरक्षण, विकास, नौकरी और किसानों के अधिकार पर लड़ाई लड़ने की भी बात कही.

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मोदी के भाषण  में लगती है बोरियत – मेवाणी 

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बातचीत के दौरान जब तीनों नेताओं से पीएम के बयान कि, आप तीनों नेता जाति के आधार पर समाज का ध्रुवीकरण कर रहे हैं, तो इसके जवाब में जिग्नेश मेवानी ने पलटवार भी किया और करारा जवाब देते हुए कहा कि,    ”मोदी अब बूढ़े हो चुके हैं और हम बार वही बोरिंग भाषण दिया करते हैं और उसमें कोई कंटेट भी नहीं होता है. इसके साथ ही मेवाणी ने कहा कि अब पीएम नरेंद्र मोदी को रिटायर हो जाना चाहिए और चैन की नींद लेनी चाहिए.

हमने मोदी को विकास के मुद्दे पर घेरा ना कि जातिवाद पर – मेवाणी

मेवानी ने बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि, हमने मोदी को विकास के मुद्दे पर घेरा ना कि जातिवाद पर. मेवाणी ने ये भी कहा कि हम तीनों नेता देश के 2 करोड़ बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार की बात करते हैं तो उसमें जातिवाद की बात नहीं करते. मेवानी ने पीएम के बारे में कहा कि, मोदी बोरिंग हैं औक देश के युवा अल्पेश, हार्दिक पटेल और कन्हैया कुमार को पसंद कर रहे हैं. इसके साथ ही जब 2019 के बारे में उनसे पूछा गया कि क्या आप तीनों मोदी और बीजेपी को चुनौती देंगे, चूंकि दलितों में बीजेपी के खिलाफ गुस्सा होने के बावजूद भी बीजेपी जीत गई? इस पर उनका कहना था कि 18 प्रतिशत दलित जनसंख्या बीजेपी के खिलाफ वोट करेगी.

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मेवानी ने इस बातचीत में कहा कि बीजेपी की जीत मात्र 99 तक आ चुकी है, लेकिन वह 150 सीटों तक उम्मीद लगाये बैठे थे. हालांकि जब मेवानी से पूछआ गया कि किया भविष्य में कभी पाटीदार, ओबीसी और दलित एक साथ आएंगे तो उन्होंने तुरंत स्पष्ट कर दिया कि यह जातिवादी राजनीति नहीं है. क्योंकि हम गरीब किसानों और गुजरात के विकास की बात करेंगेयहां गौर करने वाली बात यह है कि 37 पाटीदार बहुल सीटों पर बीजेपी ने 23 पर बाजी मारी है. जबकि बीजेपी को सबसे ज्यादा सूरत, राजकोट और अहमदाबाद में वोट मिले हैं.

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