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मुख्‍यमंत्री जनता दरबार में पहुंचे 470 आवेदक

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सरकार होती है और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था काफी जकड़ी हुई थी, उसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वे आज मुख्यमंत्री आवास में जनता दरबार कार्यक्रम के दौरान लोगों से बातचीत कर रहे थे।

शनिवार को आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम के दौरान कुल 470 आवेदन आये। करीब तीन घंटे तक चले जनता दरबार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को समाधान का निर्देश भी दिया। जनता से मुलाकात के दौरान श्री दास ने गोला प्रखंड के संग्रामपुर पंचायत के नेत्रहीन विद्यार्थी को डी.एड. की पढ़ाई के लिए 8000 रुपये की आर्थिक सहायता दी वहीं सोनल शर्मा को स्कूल शुल्‍क चुकाने के लिए 5000 रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की।

एक आवेदक ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि नामकुम प्रखंड में कर्मचारी जमीन की लगान रसीद काटने के लिए पैसों की मांग कर रहा है। इसपर श्री दास ने रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया कि जमीन से संबंधित मामलों की अंचलवार समीक्षा कर विशेष अभियान के तहत मामलों का निष्पादन करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में गरीबों की जमीन गलत तरीके से हड़पी नहीं जाये।

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जनता दरबार में पहुंचे अधिकांश फरियादियों की समस्‍याएं जमीन मामले से संबंधित थी। जिसपर मुख्यमंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को निष्पादन करने का आदेश दिया। इसके अलावा नौकरी, मुआवजे एवं बैंक धोखाधड़ी के मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि सिर्फ मतदान कर जनता का काम समाप्‍त नहीं हो जाता है बल्कि राज्य के विकास में भी जनता की भागीदारी होनी चाहिए। श्री दास ने कहा कि जल्द ही ऐसी व्यवस्था करेंगे कि जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भाग- दौड़ नहीं करनी पड़े और अधिकारी कर्मयोगी बनकर कार्यों का निष्पादन करें।

श्री दास ने विधि व्‍यवस्‍था के संबंध में कहा कि इसके पीछे आर्थिक-सामाजिक विषमता है। राज्य में अधिकारियों की कमी है और दिसंबर माह तक सभी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। श्री दास ने कहा कि झारखंड के युवकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि अपराध मुक्त झारखंड बने और जनता के सहयोग से विकसित झारखंड की परिकल्पना को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को काम करना होगा। उन्होंने झारखंडवासियों को ईद और रथयात्रा की बधाई भी दी।
(सूजसंवि)

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