Uncategorized

मुख्य सचिव राजबाला मुश्किल में, आधार से राशन कार्ड जोड़ने का आदेश मामले में UIDAI ने दिया जांच कर कार्रवाई का निर्देश

Ranchi: राज्य के मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. भूख से हुई मौत के मामले में उनके स्तर से दिए गए एक आदेश पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन अॉथोरिटी अॉफ इंडिया (UIDAI) ने जांच करने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. अॉथोरिटी के असिस्टेंट डाइरेक्टर जेनरल हिमांशु कुमार लाल ने राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर जांच करने और कार्रवाई करने का आदेश दिया है. कहा है कि यूआइडीएआइ के अधिनियम की धारा सात के मुताबिक आधार कार्ड नहीं रहने पर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह के सरकारी लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है. अॉथोरिटी ने यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता व भोजन अधिकार अभियान से जुड़े धीरज कुमार की उस शिकायत पर दिया है, जिसमें सिमडेगा की 11 साल की बच्ची संतोषी की मौत के लिए राजबाला वर्मा के एक आदेश को जिम्मेदार बताया गया था. शिकायत में कहा गया था कि संतोषी के परिवार का राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था. मुख्य सचिव के आदेश के कारण संतोषी के परिवार को राशन नहीं मिल रहा था. इस कारण भूख से संतोषी की मौत हो गयी. 

इसे भी पढ़ेंः दे नी आयो भात…दे नी आयो भात…बुदबुदाते हुए भूख से मर गई 11 साल की संतोषी

सरकार ने कहा था भूख से मौत नहीं हुई

संतोषी की मौत 28 सितंबर 2017 को हुई थी. सामाजिक कार्यकर्ताअों ने संतोषी की मौत के मामले की जांच की मांग की थी. newswing.com ने संतोषी की मौत की खबर सबसे पहले प्रकाशित की थी. जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था. इसके बाद सरकार ने इस बात का खंडन किया था कि संतोषी की मौत भूख से हुई थी. सरकार के स्तर से बताया गया था कि संतोषी की मौत बीमारी से हुई. हालांकि संतोषी की मौत बीमारी से होने की बात कहने वाले अफसरों ने उसके गांव के डीलर को सस्पेंड कर दिया था. 

इसे भी पढ़ेंः भूख से संतोषी की मौत के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री ने किया फैसला, अाधार न भी हो तो आइडी कार्ड से मिलेगा राशन

चार नवंबर को की गयी थी शिकायत
भोजन का अधिकार अभियान के धीरज कुमार ने चार नवंबर 2017 को UIDAI को एक पत्र लिखा था. जिसमें राशनकार्ड का आधार से नहीं जुड़ने के कारण राशन कार्ड रद्द होने पर सिमडेगा जिला के जलडेगा की संतोषी कुमारी (11 साल) की भूख से हुई मौत एवं झारखंड में बड़े पैमाने पर राशन कार्ड रद्द किए जाने की बात कही  थी. साथ ही कहा गया था कि झारखंड की  मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने आधार (UIDAI) अधिनियम की धारा- 7 का उल्लंघन किया है. इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.

इसे भी पढ़ेंः सीएस राजबाला वर्मा ने 27 मार्च को दिया था आदेश- आधार से पीडीएस लिंक नहीं, तो राशन नहीं

क्या है आधार (UIDAI) अधिनियम की धारा-7

आधार (UIDAI) अधिनयम की धारा-7 के अनुसार हर वह सरकारी सेवा व सुविधा जिसके लिए व्यय भारत सरकार की संचित निधी से होता है, का लाभ लेने के लिए लाभुक को आधार कार्ड संख्या का प्रमाण देना होगा. लेकिन अगर किसी व्यक्ति के पास आधार कार्ड नहीं है, तो वह सरकारी सेवा का लाभ लेने के लिए वैकल्पिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकता है. आधार अधिनियम की धारा-7 के उल्लंघन पर एक साल की जेल या 25 हजार रुपये के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है.

इसे भी पढ़ेंः भोजन का अधिकार अभियान ने UIDAI को लिखा पत्र, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

27 मार्च को जारी हुआ था मुख्य सचिव का आदेश

सीएस राजबाला वर्मा ने 27 मार्च को सभी खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी और जिले के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए बैठक की थी. बैठक में सीएस ने यह कहा था कि जल्द से जल्द सभी पीडीएस लाभुकों को आधार कार्ड से लिंक किया जाए. आने वाले पांच अप्रैल तक काम को पूरा करने की मियाद सीएस राजबाला वर्मा ने तय की थी. सीएस ने अधिकारियों को कहा “जिस किसी का आधार कार्ड पीडीएस से लिंक नहीं होगा उनके राशन बंद कर दिए जाएंगे.” प्रेस रिलीज में यह साफ लिखा है कि बैठक के दिन तक तीन लाख राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं. मुख्य सचिव का आदेश से संबंधित प्रेस रीलिज झारखंड पब्लिक रिलेशन विभाग की तरफ से भी बेवसाइट पर जारी किया गया था. वह प्रेस रिलीज न्यूज विंग के पास है.

इसे भी पढ़ेंः लालू यादव की करीबी रह चुकी हैं राजबाला वर्मा, जो मंत्रियों की भी नहीं सुनतीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button