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माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2017 को लोकसभा ने दी मंजूरी 

New Delhi : लोकसभा ने माल और सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) संशोधन विधेयक 2017 को मंजूरी दे दी जिसमें लक्जरी मोटर वाहनों की प्रविष्टि संबंधी अधिकतम दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है. इस पर प्रतिकर उपकर को संशोधित किया जा सकेगा. यह विधेयक इस संबंध में जारी माल और सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर)  संशोधन अध्यादेश 2017 का स्थान लेगा .

जैसे-जैसे कर वसूली बढ़ती है, वैसे-वैसे इसे व्यावहारिक बनाने की दर भी आगे बढ़ती है : अरूण जेटली

विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के सदस्य अपनी-अपनी मांगों के समर्थन में अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी कर रहे थे . विधेयक पर हंगामे के दौरान ही चर्चा हुई और इसे पारित किया गया . सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि जीएसटी के अमल में आने के बाद ही हर बार जब जीएसटी परिषद की बैठक हुई, उसमें प्रक्रिया और दर को व्यवहारिक बनाने पर चर्चा हुई . जैसे-जैसे कर वसूली बढ़ती है, वैसे-वैसे इसे व्यावहारिक बनाने की दर भी आगे बढ़ती है.

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विधेयक का मकसद राज्यों को राजस्व के नुकसान की क्षतिपूर्ति

उन्होंने कहा कि जहां तक इस विधेयक का सवाल है, इसका सीमित मकसद है. राज्यों को राजस्व के नुकसान की क्षतिपूर्ति की गारंटी है और ऐसे में प्रतिकर उपकर से जो राशि आयेगी, उसके माध्यम से उन्हें राशि मिलेगी . इसके साथ ही इसमें कुछ शीर्ष के तहत आने वाले मोटर यानों से संबंधित प्रविष्टि में अधिकतम दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है. यह राज्यों के हित में है . विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि माल और सेवा कर परिषद ने 5 अगस्त 2017 को हुई, अपनी 20वीं बैठक में शीर्ष 8,702 और शीर्ष 8,703 के तहत आने वाले मोटर यानों से संबंधित प्रविष्टि में अधिकतम दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने की सिफारिश की जिस पर प्रतिकर उपकर संग्रहित किया जा सकेगा . अर्थात इसे 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत करने की बात कही गई है .

जीएसटी लागू होने के बाद कुल मोटर वाहनों पर कर पहले की तुलना में हुआ कम

इसमें कहा है कि उक्त प्रविष्टियों के लिये अधिकतम दरों को माल एवं सेवा कर परिषद की अगली बैठक से पहले माल एवं सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) अधिनियम 2017 को लागू करके तुरंत बढ़ाया जाना आवश्यक था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे मोटर यानों के लिये प्रतिकर उपकर हेतु अधिकतम दर में राहत उपलब्ध हों . वस्तुे एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद ने अगस्तउ, 2017 में सम्पवन्नि अपनी बैठक में इस तथ्यज को ध्या न में रखते हुए कि जीएसटी लागू होने के उपरान्त  कुल मोटर वाहनों (जीएसटी+मुआवजा उपकर) पर जीएसटी पूर्व कुल कर की तुलना में कम हो गया है, शीर्ष 8702 तथा 8703 के अन्तपर्गत मोटर वाहनों पर लगाये जाने वाली अधिकतम दर में 15 से 25 प्रतिशत की वृद्धि करने की सिफारिश की थी.

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