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महाराष्ट्र: चूहा घोटाले के बाद चाय घोटाला ! रोजाना 18500 कप चाय पीते रहे सीएम के मेहमान

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Mumbai: चूहा घोटाले को लेकर आरोप झेलने के बाद अब फडणवीस सरकार पर चाय घोटाले के आरोप लगे हैं. एक आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार राज्य का मुख्यमंत्री कार्यालय यानी सीएमओ रोज 18,500 कप चाय पी जाता है. मुंबई कांग्रेस ने इसे एक बड़ा घोटाला करार दिया है. आरटीआई का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने सवाल उठाया है कि पिछले तीन साल में सीएमओ में चाय की खपत पर खर्च में भारी वृद्धि हुई है. आरटीआई के अनुसार, 2017-18 में सीएमओ में 3 करोड़ 34 लाख 64 हजार 904 रुपये की चाय पी गयी, जबकि ये आंकड़ा साल 2015-16 में 57 लाख 99 हजार 150 रुपये था.

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चाय पर रोजाना का खर्च 92 हजार

पिकआरटीआई के जरिये मिली जानकारी के अनुसार, सीएमओ ने साल 2015-16 में चाय-पानी पर 57 लाख 99 हजार और साल 2016-17 में 1 करोड़ 20 लाख चाय-पानी पर खर्च किये गये थे. अब 2017-18 में यह खर्च पिछले दो वर्षों की तुलना में 577 प्रतिशत बढ़कर 3 करोड़ 34 लाख रुपये हो गया है. यदि आरटीआई से प्राप्त इस जानकारी को प्रामाणिक मानें तो प्रतिदिन लगभग 92,000 चाय पानी पर खर्च हो रहा है. इस तरह महीने में औसतन 27 लाख रुपये और खर्च हो रहे हैं. इस प्रकार यदि चाय की औसत कीमत पांच रुपये भी मानी जाए तो मुख्यमंत्री कार्यालय 18,951 कप चाय रोज पी रहा है.

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गोल्डेन टी पीते हैं सीएम: निरुपम

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फडणवीस सरकार के चाय के खर्च पर सवाल उठाते हुए, सरकार को घेरते हुए कांग्रेस नेता निरुपम ने कहा कि ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं. सीएमओ में रोजाना 18 हजार से ज्यादा चाय की खपत. अगर एक अगंतुक अगर दो कप भी चाय पीये तो रोजाना सीएमओ में आनेवाले लोगों की संख्या 9 हजार से ज्यादा होनी चाहिए. निरुपम यही नहीं रुके उन्होंने पूछा कि आखिर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कौन-सी चाय पीते हैं. मैंने सिर्फ ग्रीन टी, येलो टी और इसी तरह के कुछ नाम सुने हैं, क्या सीएम साहब गोल्डेन टी पीते हैं. ये प्रदेश की विडंबना है, जहां किसान आत्महत्या कर रहे हैं, वहां की सरकार चाय-पानी पर करोड़ों खर्च कर रही है. कांग्रेस नेता ने चुटकी लेते हुए यहां तक कहा कि क्या चूहे चाय पी गये. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बीजेपी के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने सचिवालय में 7 दिनों में 3 लाख से ज्यादा चूहों को मारे जाने को लेकर सवाल उठाये थे.

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सीएमओ ने दी सफाई

हालांकि मीडिया में चाय घोटाले से संबंधित खबर आते ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने फौरान बयान जारी कर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम के आरोपों को गलत बताया. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि निरुपम जिस खर्च का जिक्र कर रहे हैं, उसमें सिर्फ मुख्यमंत्री सचिवालय का नहीं है बल्कि मंत्रालय, सरकारी अतिथिगृह, राज्यपाल के नागपुर के रामगिरी भवन और हैदराबाद हाउस का संयुक्त खर्च है. मामले पर सफाई देते हुए सीएम हाउस की ओर से ये भी कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और मुख्यमंत्री सचिवालय में आने वालों की संख्या में इन दिनों भारी बढ़ोतरी हुई है. इसमें देश-विदेश के शिष्टमंडल, विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों, अलग-अलग क्षेत्र के लोग शामिल है. साथ ही पिछले दो साल में सरकारी बैठकों की संख्या भी बढ़ी है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इससे पहले विभागवार होने वाली बैठकों पर होने वाले चाय-पानी का खर्च संबंधित विभाग देता था, परंतु अब सभी बैठकों का खर्च मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा केंद्रित रूप में दिया जाता है.

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