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मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में नाबालिग से दुष्कर्म पर है मौत की सजा, झारखंड में हर साल औसतन 92 नाबालिग होती हैं हवस की शिकार

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Priyanka

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Newswing Desk: झारखंड एक ऐसा राज्य जहां हर साल औसतन 92 नाबालिग दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध का शिकार होती हैं. लेकिन राज्य में नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कोई खास प्रावधान नहीं है. झारखंड सरकार भले ही महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे तो करती है. लेकिन इसे लेकर ठोस कदम धरातल पर उतरते नहीं दिखते है. बीते कुछ दिनों में मासूम बच्चियों के प्रति अपराध बढ़ा है. ऐसे में झारखंड में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. वही राज्य की सरकार दूसरे राज्यों से भी सबक नहीं ले रही. मध्य प्रदेश, राजस्थान के बाद हरियाणा सरकार ने भी 12 साल से कम उम्र की नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी के लिए मौत की सजा के प्रावधान वाले बिल को मंजूरी दे दी है.

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क्या कहता है कानून ?

महिला अपराधों से जुड़े भारतीय दंड संहिता के कानून की धारा 376, 376 डी, 354, 354 की धारा 2 में कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. आईपीसी की धारा 376 में एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसके मुताबिक हरियाणा में अब 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से रेप के दोषी को मृत्युदंड देने का प्रावधान किया है. जिस पर अब सदन की भी मुहर लग गई है.

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झारखंड में बेटियां नहीं सुरक्षित !

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2012 से पांच साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो झारखंड में हर साल करीब 92 नाबालिग हैवानियत का शिकार होती है. जिनमें से कुछ की अस्मत अपनों ने लूटी तो कुछ को अनजान लोगों ने अपनी हवस का शिकार बनाया.

  • 2012 में दुष्कर्म के कुल दर्ज मामले 812, जिनमें से 66 बच्चियां नाबालिग थी.
  • 2013 में 1204 रेप के केस दर्ज किये गये, जिनमें से 82 नाबालिग थी.
  • 2014 में रेप के कुल 1056 मामले दर्ज, 82 केस नाबालिग से रेप के थे.
  • 2015 में 1055 रेप केस दर्ज, 24 बच्चियों से साथ हुआ दुष्कर्म.
  • 2016 में 1109 रेप केस दर्ज किये गये, जिसमें 205 मामले नाबालिग के थे.

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कई राज्यों में है कानून

नाबालिग से रेप जैसे धिनौने अपराध को लेकर देश के कई राज्य काफी सजग है. इसमें मध्य प्रदेश सबसे आगे है, जहां शिवराज पाटिल की सरकार ने 2017 में ही 12 साल से कम उम्र की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फांसी तक की सजा के प्रावधान का बिल पास किया. इसके बाद इस साल 9 मार्च को राजस्थान सरकार ने भी इस बिल पर मुहर लगायी. अब हरियाणा की खट्टर सरकार ने बच्चियों की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम उठाते हुए इसे मंजूरी दी है.

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