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भ्रष्टाचार की जांच से तिलमिलाए अखिलेश दे रहे हैं अनर्गल बयान : उप मुख्यमंत्री

Lucknow : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछली सरकार की विकास परियोजनाओं का मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटन किये जाने पर लगातार तंज कर रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार की जांच शुरू होने से उपजी तिलमिलाहट के कारण अखिलेश ऐसा बयान दे रहे हैं. मौर्य ने सपा अध्यक्ष के संवाददाता सम्मेलन के कुछ देर बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि अखिलेश अब मुख्यमंत्री नहीं हैं. अगर वह ऐसा समझते हैं तो दिमाग से निकाल दें. कोई परियोजना अगर पिछली सरकार की है तो उसे अगली सरकार आगे बढ़ाती है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश अपनी सरकार के दौरान योजनाओं के लिये अपने गांव सैफई से धन नहीं लाये थे. उसके लिये सरकार ने धन दिया था. मौजूदा सरकार ने एक साल में जितना काम किया है वह मायावती, अखिलेश और मुलायम की सरकारों ने मिलकर भी नहीं किया.

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भ्रष्टाचार की जांच से अखिलेश बेचैन : मौर्य

उन्होंने कहा कि अखिलेश अक्सर अपने बयानों में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे की बात करते हैं. अगर उन्होंने उसका उद्घाटन किया था तो उसे अधूरा क्यों छोड़ा. कल मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में एलिवेटेड रोड का उद्घाटन किया, उस पर भी सपा अध्यक्ष को तकलीफ क्यों हुई. दरअसल, जब से पिछली सपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई है, तब से अखिलेश की बेचैनी बढ़ गयी है, इसीलिये वह ऐसे बयान दे रहे हैं.

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अखिलेश से सवाल पूछते हुये कहा कि अगर आजम खां ने कोई गड़बड़ी की है तो क्या कानून अपना काम नहीं करेगा. कानून ना तो किसी को बचाने और ना ही फंसाने की कोशिश करेगा, दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

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अखिलेश ने अपने कार्यकाल में केन्द्र की योजनाओं को रोका

मौर्य ने कहा कि अखिलेश अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू की गयी योजनाओं के लिये केन्द्र से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) ना दिये जाने की अक्सर शिकायत करते हैं, लेकिन क्या उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट के काम के लिये पर्यावरण विभाग से एनओसी ली थी. अखिलेश ने अपने कार्यकाल में केन्द्र की योजनाओं को रोका था. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा-बसपा की वजह से उत्तर प्रदेश में राजनीति का अपराधीकरण हुआ है. हमारी सरकार अपराधियों से अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है, यह अखिलेश को बर्दाश्त नहीं हो रहा है. मौर्य ने कहा कि जहां तक अपने समायोजन की मांग को लेकर प्रदेश में आंदोलनरत शिक्षा मित्रों का सवाल है तो उनके साथ सरकार की पूरी सहानुभूति है. उन्होंने इसके लिए अखिलेश सरकार को दोषी ठहराया है. उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार शिक्षामित्रों से धोखाधड़ी नहीं की होती तो यह समस्या खड़ी ही नहीं होती. उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. हमारी सरकार पूरी पैरवी कर रही है. फैसला आने के एक महीने के अंदर हम उनकी समस्याओं पर निर्णय कर लेंगे.

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