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भाजपा ने व्यापमं घोटाले की सीबीआई जांच को नकारा

नई दिल्ली/झाबुआ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग को सोमवार को खारिज कर दिया। भाजपा ने कहा कि मामले की सीबीआई जांच केवल उच्च न्यायालय के आदेश से हो सकती है, क्योंकि विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच की निगरानी वही कर रहा है। मध्य प्रदेश के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी राज्य सरकार के निर्देश पर नहीं, बल्कि उच्च न्यायालय की देखरेख में काम कर रही है। मुझे लगता है कि जिन चीजों से जांच प्रभावित होगी, उसपर उच्च न्यायालय संज्ञान लेगा।”

कांग्रेस पर शवों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि सभी मौतों को घोटाले से नहीं जोड़ना चाहिए।

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मामले की जांच पहले ही उच्च न्यायालय के निर्देश में रही है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि अब इसकी सीबीआई जांच की जरूरत है।”

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद विजयवर्गीय घोटाले को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।

भाजपा के उपाध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने कहा, “मामले की तकनीकी पहलू को समझना चाहिए। उच्च न्यायालय पहले से मामले की निगरानी कर रही है। हम उच्च न्यायालय को दरकिनार कर सीबीआई जांच के लिए नहीं कह सकते।”

उन्होंने कहा, “अगर उच्च न्यायालय खुद कहेगा कि एसआईटी जांच में सक्षम नहीं है, तो मध्य प्रदेश सरकार आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगी।”

झा ने कांग्रेस पर शवों पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस लाशों पर राजनीति कर रही है। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए।”

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस को न्यायपालिका में विश्वास रखने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, “वे (कांग्रेस) सर्वोच्च न्यायालय गए थे, जिसने कहा कि मामला उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है। क्या कांग्रेस खुद को सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर समझती है।”

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता जी.वी.एल.नरसिम्हा राव ने कहा कि अरुण शर्मा (मध्य प्रदेश मेडिकल कॉलेज के डीन) की मौत स्वाभाविक थी।

राव ने संवाददाताओं से कहा, “किसी की मौत को सीधे व्यापमं घोटाले से नहीं जोड़ना चाहिए। हम उनकी (अरुण शर्मा) मौत को पूरी तरह स्वाभाविक मानते हैं। इसका व्यापमं से कोई लेना-देना नहीं है।”

शर्मा का पोस्टमॉर्टम राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सफदरजंग अस्पताल में किया गया।

बीते तीन दिनों के भीतर अरुण शर्मा व टेलीविजन पत्रकार अक्षय सिंह के अलावा, मध्य प्रदेश के सागर स्थित एक प्रशिक्षण केंद्र में एक प्रशिक्षु उप-निरीक्षक अनामिका कुशवाहा की मौत हो चुकी है। उन्होंने सोमवार को एक तालाब में कूदकर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली।

व्यापमं घोटाले से जुड़े मौतों की संख्या के बारे में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कांग्रेस यह आंकड़ा 48 बता रही है, जबकि एसआईटी के मुताबिक यह संख्या 33 है।

यह घोटाला मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा अंजाम दिया गया है, जिसमें भर्ती प्रक्रिया में भारी धांधली की गई है। घोटाले से जुड़े कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

वहीं, कांग्रेस ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ‘खूनी व्यापमं घोटाले’ की जांच को भटकाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग दोहराई। पार्टी ने यह भी कहा कि निष्पक्ष तभी संभव है, जब शिवराज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें।

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