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बोकारो: सेल से सेवानिवृत्त होने वालों का पेंशन नहीं हुआ शुरू

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News Wing
Bokaro 27 November : स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड(सेल) भारत सरकार का उपक्रम है. इस ऑथोरिटी के तहत  बोकारो स्टील प्लांट है। जिनमें करीब 11 हजार कर्मी कार्यरत है. इनमें काम करने वाले कर्मियों को सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन योजना का लाभ सेल की ओर से दिये जाने को लेकर 2011 में आयोजित एनजेसीएस(नेशनल ज्वाइंट कमिटी फॉर स्टील इंड्रस्टी) की मीटिंग में कमिटी के सदस्यों और सेल के अधिकारियों ने लिया गया था, इसके बाद भी सेल की इस योजना का लाभ हर माह सेवानिवृत्त होने वाले इस्पात कर्मियों को नहीं मिल सका है.

हर माह बोकारो से रिटायर होते है दो सौ कर्मी

पेंशन योजना का लाभ  01 जनवरी 2012 से ही हर माह रिटायर होने वाले इस्पातकर्मी को मिलना था. हर माह बोकारो स्टील प्लांट से ही करीब 200 के आस-पास कर्मी रिटायर हो रहे हैं. सेल की ओर से सभी तरह की राशि का भुगतान कर दिया जाता है, लेकिन पेंशन पर कोई जानकारी नहीं दी जाती ऐसे में इस्पातकर्मी को कमिटी में पारित योजना का लाभ नही मिल रहा है.

एनजेसीएस सदस्य भी नहीं दिखा रहे हैं दिलचस्पी

एनजेसीएस में सभी सेंट्रल यूनियन के नेताओं को सदस्य के रूप में रखा गया है, जो मजदूरों की समस्याओं को सेल के अधिकारियों के पास रखते हैं. योजना को पारित हुये पांच वर्ष बीत गए, लेकिन योजना को जिन कारणों से लागू नहीं किया जा सका उसके निदान को लेकर कोई पहल इन पांच वर्षों में आयोजित बैठकों में नही किया जा सकी. इससे अंदाजा लगया जा सकता है कि दिन-रात लोहे का उत्पादन कर देश की तरक्की में अपना योगदान देने वाले मजदूरों के लिए सेल के अधिकारियों और नेताओं के मिलीभगत की वजह से यह योजना लागू नहीं हो पा रही है.

छह प्रतिशत की वजह से अटकी योजना

इस्पात मजदूर मोर्चा (सीटू) के नेता राजकुमार गोराई ने बताया कि पेशन को लेकर मजदूरों से छह प्रतिशत और सेल की ओर से छह प्रतिशत की सहमती बनी थी, लेकिन सेल की ओर से कहा गया कि अभी सेल नुकसान में चल रहा है इसलिये 3 प्रतिशत ही दिया जाएगा, जब लाभ में होगा तब 6 प्रतिशत दे सकेंगे. जिसके बाद सभी नेताओं ने इसका विरोध किया. वहीं सेल ने भी रुचि दिखाना बंद कर दिया. अब तो एनजेसीएस के नेता भी कुछ नहीं बोलते.

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