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बुधवार की रात क्या सरयू राय और रघुवर दास के बीच राजबाला वर्मा को लेकर हुई थी गरमा-गरम बहस

News Wing Desk : राज्य के खाद्य मंत्री सरयू राय और मुख्यमंत्री रघुवर दास मुख्यसचिव राजबाला वर्मा को लेकर लगातार आमने-सामने रहे हैं. इसमें नया विवाद बुधवार की रात का है. टेलीग्राफ में छपी खबर के अनुसार दोनों के बीच उस रात गरमा-गरम बहस हुई. बताया जा रहा है कि सरयू राय ने रघुवर दास को सीएस राजबाला को हटाने को लेकर सुझाव दिया था. उन्होंने विपक्ष के दबाव और हंगामे का हवाला देते हुए कहा था कि राजबाला को मुख्य सचिव के पद से हटा देना ही उचित है. इस पर मुख्यमंत्री ने सरयू राय को कहा कि सीएस अच्छा काम कर रही हैं और उन्हें हटाने का कोई वाजिब कारण नहीं दिखता. छपी रिपोर्ट के अनुसार इतना सुनते ही सरयू राय का पारा चढ़ गया है और दोनों नेताओं के बीच जमकर बहस हो गयी.

News Wing Desk : राज्य के खाद्य मंत्री सरयू राय और मुख्यमंत्री रघुवर दास मुख्यसचिव राजबाला वर्मा को लेकर लगातार आमने-सामने रहे हैं. इसमें नया विवाद बुधवार की रात का है. टेलीग्राफ में छपी खबर के अनुसार दोनों के बीच उस रात गरमा-गरम बहस हुई. बताया जा रहा है कि सरयू राय ने रघुवर दास को सीएस राजबाला को हटाने को लेकर सुझाव दिया था. उन्होंने विपक्ष के दबाव और हंगामे का हवाला देते हुए कहा था कि राजबाला को मुख्य सचिव के पद से हटा देना ही उचित है. इस पर मुख्यमंत्री ने सरयू राय को कहा कि सीएस अच्छा काम कर रही हैं और उन्हें हटाने का कोई वाजिब कारण नहीं दिखता. छपी रिपोर्ट के अनुसार इतना सुनते ही सरयू राय का पारा चढ़ गया है और दोनों नेताओं के बीच जमकर बहस हो गयी.

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बैठक में मौजूद विधायकों ने सरयू और रघुवर के बीच हुए तनाव की पुष्टी की

बीते बुधवार की रात एनडीए विधायकों की एक मीटिंग हो रही थी जिसमें चारा घोटाले ने राजबाला का नाम आने के बाद उन पर फैसला किया जाना था. टेलीग्राफ के अनुसार उस बैठक में मौजूद तीन विधयाकों ने सरयू और रघुवर के बीच हुए तनावपूर्ण बहस की पुष्टि की है. रघुवर दास ने राजबाला का बचाव करते हुए माना था कि सीएस अच्छा काम कर रही हैं. इसलिए उन्हें हटाने की कोई जरुरत नहीं. इस पर सरयू राय गरम हो गए और सीएस के खिलाफ कई गड़बड़ियों का उदाहरण देने लगे. राय ने कहा कि राजबाला जब रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में सचिव थीं तो रांची-रामगढ़ (वाया पतरातु) सड़क में उन्होंने 300 करोड़ के बजाये 400 करोड़ रुपये खर्च किये थे. उस प्रोजेक्ट के एक्स्ट्रा 100 करोड़ के खर्च को कैबिनेट में एप्रूव किया था. उस वक्त भी मैंने इसका विरोध किया था. विकास आयुक्त अमित खरे को मामले को देखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी, मगर उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया था कि वह अपने ही बॉस के खिलाफ जांच करने में असमर्थ हैं.

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सरयू राय ने सीएस के खिलाफ दिए कई उदाहरण

इसके अलावे सरयू राय ने सीएस के खिलाफ कई और उदाहरण भी दिये. उन्होंने कहा कि राशन और आधार कार्ड को लिंक करने और राशन रोकने का निर्णय और आदेश राजबाला वर्मा ने ही दिया था. खाद्य आपूर्ती मंत्री ने मुख्यमंत्री से यह भी कहा कि साहेबगंज-गोविंदपुर हाईवे का निर्माण अब तक सुनिश्चित नहीं किया जा सका है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद उस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था. यह सीएस कार्य असक्षमता को दिखाता है.
द टेलीग्राफ ने उक्त रिपोर्ट में लिखा है कि मुख्यमंत्री से जब इस बारे में पूछा गया तो वे बस मुस्कुरा के आगे चल दिये. सरयू राय ने भी दोनों नेताओं के बीच हुए बहस के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. हालांकि उस मीटिंग में मौजूद तीन विधायकों ने सरयू राय और रघुवर दास के बीच हुए तनावपूर्ण बहस की पुष्टि की.

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