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बिहार: 14 करोड़ के सांप के जहर पाउडर के साथ तीन गिरफ्तार

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News Wing

Patna, 06 December: पश्चिम बंगाल सीमावर्ती बिहार के किशनगंज में रेव पार्टियों में इस्‍तेमाल होने वाले ड्रग के निर्माण के लिए ले जाया जा रहा एक ऐसा कंसाइनमेंट बरामद हुआ है, जिसके बारे में जानकार आप हैरत में पड़ जाएंगे. जी हां, यह कंसाइनमेंट कोबरा सांप का जहर है. किशनगंज के धानतोला रोड पर मंगलवार की शाम सर्च के दौरान 1.870 किलाे कोबरा के जहर के साथ तीन तस्‍कर गिरफ्तार किए गए.

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में इस जहर की कीमत 14 करोड़ रुपये

मिली जानकारी के अनुसार धनतोला रोड पर शक के आधार पर बाइक सवार तीन युवकों को रोककर 146वीं बटालियन बीएसएफ ने जांच की. इस दौरान उनके पास 1.870 किलो सांप का जहर मिला. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 14 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है. खास बात यह भी है कि इस जहर को प्राप्‍त करने के लिए कोबरा को मारना गैरकानूनी है. वन्यजीव अधिनियम के तहत कोबरा लुप्त हो रही प्रजाति है.

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72 और के-76 ड्रग्स के रुप में किया जाता है कोबरा के जहर का उपयोग  

बरामद जहर फ्रांस निर्मित जार में तस्करी कर ले जाया जा रहा था. पकड़े गए तस्करों में पश्चिम बंगाल राज्य के उत्तरी दिनाजपुर जिला स्थित भुरकी गांव के निवासी नजरूल इस्लाम (55), पूर्णिया जिले के गोतफर जियागाछी निवासी जैनुल अबेदीन (33) व पूर्णिया के ही अमारी कुकरौन निवासी मु. कमरूल होदा (46) शामिल हैं. बीएसएफ व एसएसबी सूत्रों के अनुसार इन दिनों सांप के जहर की तस्करी काफी बढ़ गई है. सांप के जहर में खासका कोबरा के जहर का उपयोग के-72 और के-76 ड्रग्स में किया जाता है. इन नशीले पदार्थो के उपयोग से उत्तेजना में वृद्धि होती है. इस ड्रग के सेवन से देर तक उछलने-कूदने और नाचने की ऊर्जा मिलती है. इस कारण इसका उपयोग खासकर रेव पार्टियों में युवा करते हैं. नेपाल व बांग्लादेश के रास्ते इसकी तस्करी की जाती है.

एक चुटकी जहर की कीमत 20 हजार से 25 हजार 

पार्टियों में इस ड्रग की कीमत जहां प्रति खुराक दो हजार से पांच हजार रुपये तक है, वहीं के-72 और के-76 की एक चुटकी की कीमत 20 हजार से 25 हजार के बीच होती है. हाई सोसायटी के युवा इसका इस्‍तेमाल अधिक करते हैं. इसे वे कूल और फैशन समझते हैं. बताया जाता है कि इन दिनों न्‍यू इयर सेलिब्रेशन के लिए ऐसे ड्रग्‍स की तस्‍करी बढ़ गई है. आगे वेलेंटाइन डे के अवसर पर भी इसकी मांग रहेगी. एंटी नारकोटिक्स अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली और इसके आसपास की पार्टियों में कोबरा के जहर से बने नशीले पदार्थ ‘कोबरा ड्रग’ के इस्तेमाल के उदाहरण मिले हैं.

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