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बिहार : संसद के शीतकालीन सत्र में शरद यादव की सदस्यता खत्म करने पर हंगामा

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New Delhi: शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन संसद का माहौल गर्म रहा. विपक्ष ने शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही शरद यादव की सदस्यता खत्म करने और  पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर पीएम मोदी की टिप्पणी के मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया. इस वजह से राज्यसभा की कार्यवाही को पहले 12 बजे तक और फिर दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. 

नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा

राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल ने व्यवस्था के सवाल के नाम पर शरद यादव व अली अनवर अंसारी को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराये जाने का मुद्दा उठाया. सभापति वेंकैया नायडू ने सवाल को खारिज करते हुए कहा कि सभापति के निर्णय पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन ने नीतीश कुमार को अपना मुख्यमंत्री बनाया था. जनता ने महागठबंधन को वोट दिया था. ऐसे में शरद व अंसारी को अयोग्य ठहराने के बजाय नीतीश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. जदयू के सांसदों व विधायकों की सदस्यता जानी चाहिए. इसके बाद कांग्रेस व सपा के नेता नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गये. शरद को सुविधाएं मिलती रहेंगी, सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेंगे

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हाईकोर्ट का दखल से इन्कार

उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाइकोर्ट ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में अयोग्यता पर रोक लगाने की मांग वाली जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव की याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया. हालांकि कोर्ट ने उन्हें वेतन, भत्ता, अनुलाभ लेने और संसद सदस्य के रूप में आवंटित बंगले में ही रहने की अनुमति दे दी. कोर्ट ने उन्हें संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने से रोक दिया. स्पष्ट किया कि मुख्य याचिका के निपटारे तक अंतरिम निर्देश जारी रहेंगे. कोर्ट ने शरद की याचिका पर राज्यसभा सभापति और राज्यसभा में जदयू के नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह से भी जवाब मांगा.

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