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बिहार में चक्रवाती तूफान ने ली 42 की जान

पटना/पूर्णिया : बिहार की कोसी नदी से लगते सीमावर्ती क्षेत्रों में मंगलवार की रात आई आंधी ने भारी तबाही मचाई। आंधी के कारण कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। आंधी के कारण करीब 22 हजार घर क्षतिग्रस्त हो गए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री से टेलीफोन से बात कर केन्द्र सरकार द्वारा हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि राज्य के मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, कटिहार, किशनगंज, दरभंगा और मधुबनी जिले में चक्रवाती तूफान के कारण 22 हजार मकान क्षतिग्रस्त हो गए। तबाही का आलम यह है कि राष्ट्रीय राजपथ के अलावे गांव में पहुंचने वाली सड़कों पर पेड़ और बिजली के पोल गिरे हुए हैं जिस कारण जहां-तहां वाहन खड़े हो गए हैं। कई क्षेत्रों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक पूर्णिया जिले में 30 लोगों की मौत हुई है जबकि मधेपुरा में सात लोग असमय काल की गाल में समा चुके हैं।

उन्होंने कहा, “केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात हुई है। केन्द्र सरकार द्वारा सहयोग अपेक्षित है।”

इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार विधानसभा में कहा, “मंगलवार की रात राज्य के पूर्णिया, मधेपुरा, कटिहार, सहित कई जिलों में चक्रवाती तूफान के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। सभी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को सर्वेक्षण कर रपट देने का निर्देश दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश अधिकारियों को दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि अनुदान राशि का भुगतान आज से ही किया जाएगा।

पूर्णिया जिले के एक अधिकारी के अनुसार पूर्णिया जिले के डगरूआ प्रखंड में सैकड़ों झोपड़ी और एस्बेस्टस (टीन) की छतें उड़ गई हैं और मकान गिर गए उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम जारी है।

पूर्णिया में तेज आंधी के कारण 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें पूर्णिया के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मधेपुरा जिले में भी आंधी के कारण सात लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मधेपुरा जिले के मुरलीगंज, बिहारीगंज और उदाकिशनगंज प्रखंड के कई गांव प्रभावित हुए हैं। इधर, कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए हैं, जिस कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।

उल्लेखनीय है कि कोसी का यह क्षेत्र प्रति वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता रहा है, ऐसे में इस वर्ष बाढ़ के पूर्व यह चक्रवाती तूफान कहर बनकर आई। आपदा प्रबंधन विभाग का मानना है कि मौसम विभाग द्वारा चक्रवाती तूफान को लेकर कोई चेतावनी सरकार को नहीं दी गई थी। इधर, पटना मौसम विज्ञान केन्द्र के सहायक निदेशक आऱ क़े गिरी ने कहा कि मौसम विभाग ने वेबसाइट पर चेतावनी की सूचना जारी की थी।

इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की एक टीम स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी।

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