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बालिग होने जा रहा है झारखंड, अब मिलेगा असली लीडर : बाबूलाल

NEWSWING

Ranchi, 07 October : झारखंड अब बालिग होने जा रहा है. अब तक झारखंड में राजनीतिक परिपक्वता नहीं थी. 2018 में झारखंड बालिग यानि 18 साल का हो जाएगा. जिसके बाद झारखंड को एक ऐसा लीडर मिलेगा जो पूरे सूबे का लीडर होगा. किसी एक विशेष क्षेत्र का नहीं. जनता ने इतने दिनों तक बारी-बारी से हर पार्टी को मौका दिया है. राजनीति करने वाले भले ये बात नहीं समझे लेकिन सच यह है कि जनता परख रही थी. लेकिन इस बार जनता परखने का काम नहीं करेगी और अपना फैसला सुनाएगी. न्यूज विंग से बात करते हुए सूबे के फर्स्ट सीएम बाबूलाल मरांडी ने इन बातों को रखा.

एक आंख में काजल और एक आंख में सुरमा

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बीजेपी की सरकार जनता की आवाज दबाना चाह रही है. इसी मकसद से बीजेपी के इशारे पर हमारी पार्टी के लोगों पर सीएनटी और एसपीटी एक्ट के विरोध में आवाज उठाने पर एफआईआर किया गया. बीजेपी का जुलूस उन सड़कों पर निकलता है जहां हाईकोर्ट ने जुलूस निकालने पर रोक लगा रखा है. लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता है. वहीं किसी दूसरी पार्टी ने ऐसा किया होता तो अब तक केस हो चुका होता. अगर सरकार की पार्टी ऐसा कर सकती है तो हमारी पार्टी क्यों नहीं कर सकती. एक आंख में काजल और एक आंख में सुरमा लगाने का काम सरकार बंद करे.

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 मची है लूट, लूट सको तो लूट

मोमेंटम झारखंड, सरकार के 1000 दिन, अमित शाह का झारखंड दौरा यह सब काम झारखंड को लूटने और लुटवाने के लिए हो रहा है. मोमेंटम झारखंड के बाद ऐसी-ऐसी कंपनियों के साथ सरकार का करार हो रहा है जो दो टके की भी नहीं है. निवेश लाने का बहाना बना कर झारखंड का पैसा लूटने का इंतजाम करने में सरकार लगी हुई है.

वीडियो में देखें बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा

लूटने वालों को मिलता है दुलार

2016 में बीजेपी सरकार ने शाह ब्रदर्श को माइनिंग के काम से बाहर कर दिया था. कंपनी ने राज्य में गैरकानूनी काम किया था. इसका खुलासा करने वाली रघुवर सरकार फिर से माइनिंग का काम करने के लिए शाह ब्रदर्श को झारखंड में बुला रही है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कंपनियों को दी गयी राशि वसूलने का निर्देश दिया है. जगजाहिर है कि सरकार के मंत्री सरयू राय ने इसका विरोध भी किया था. लेकिन, सीएम ने कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास करा लिया. अब ऐसी सरकार से क्या उम्मीद की जाए.

पीडीएस में डीबीटी, दारू पीने का जुगार

पहले पीडीएस सिस्टम के जरिए सिर्फ अनाज मिलता था. अब अनाज मिले ना मिले, पीने वालों के लिए दारू का इंतजाम जरूर हो जाएगा और जरूरतमंद भूखे रहेंगे. पीडीएस में डीबीटी गरीबों के साथ एक धोखा है. बिचौलियों को हावी करने की योजना है. बुजुर्ग, बीमार और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग बैंक जा नहीं पाएंगे. उन्हें किसी ना किसी के भरोसे रहना होगा. भरोसेमंद ही बिचौलियों का काम करेंगे. पैसा जरूरतमंद तक पहुंचेगा ही नहीं और इधर सरकार अनाज नहीं लेने वालों का नाम लाभुक लिस्ट से काटते रहेगी.

धर्मांतरण एक असंवैधानिक बिल

धर्म की स्वतंत्रता ही हमारे देश को एक धर्मनिर्पेक्ष राज्य बनाता है. अब-जब धर्म बदलने की भी अनुमति डीसी से लेनी होगी, तो वो दिन दूर नहीं है कि सांस लेने के लिए किसी अधिकारी से पूछना होगा. धर्मांतरण बिल भारत के संविधान के साथ खिलवाड़ है.

ड्राई स्टेट बने झारखंड   

हर वो चीज झारखंड में बैन होनी चाहिए जिससे सेहत पर असर पड़े. चाहे वो शराब हो या फिर पारंपरिक पेय पदार्थ. शराबबंदी हर हाल में झारखंड में होना चाहिए. अगर झारखंड में शराबबंदी होती तो 30 लोगों की जान रांची आस-पास के क्षेत्र में नहीं जाती.

कमजोर सरकार में अधिकारी होते हैं मजबूत

न्यूज विंग की खबर “मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का दो और सिमडेगा डीसी का एक सरकारी आवास पर कब्जा” और “खूंटी-बोकारो DC और कोडरमा SP ने भी ले रखा है रांची में CCL का आवास” पर उन्होंने कहा कि जिस सूबे की सरकार कमजोर होती है उस राज्य के अधिकारी मजबूत हो जाते हैं. यही हाल झारखंड का भी है. सरकार इतनी कमजोर है कि अफसर पर लगाम नहीं लगाया जा सकता. इसलिए अफसर अपनी मनमानी कर रहे हैं. एक भी योजना अच्छे से नहीं चल रही है. अधिकारी सिर्फ पैसा कमाने की जुगाड़ में रहते हैं.

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