न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बांग्लादेश: पूर्व पीएम खालिदा जिया की जमानत के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगायी रोक

30

Dhaka: बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को उच्च न्यायालय से मिली जमानत के आदेश पर आज रोक लगा दी. मीडिया की एक खबर के मुताबिक, जिया ऑर्फेनेज ट्रस्ट को दिए जाने वाले विदेशी चंदे में करीब 250,000 डॉलर के गबन के मामले में 72 वर्षीय जिया को आठ फरवरी को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई. यह ट्रस्ट उनके दिवंगत पति के नाम पर है.

इसे भी पढ़ें: चार माह बाद रघुवर ने फिर अलापा 2015-16 का राग, पिछले साल भी कहा था 2017 में खत्म होगा उग्रवाद, अब कहा 2018

हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आठ मई तक लगायी रोक

उच्च न्यायालय ने12 मार्च को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी( बीएनपी) की अध्यक्ष को चार महीने की अंतरिम जमानत दी थी. बांग्लादेश के प्रधान न्यायाधीश सैयद महमूद हुसैन के नेतृत्व वाली अपीली डिवीजन कीपूर्ण पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश पर आठ मई तक रोक लगा दी. खबर में भ्रष्टाचार रोधी आयोग के वकील खुर्शीद आलम खान के हवाले से कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के आज के आदेश के बाद जिया को आठ मई तक जेल से रिहा नहीं किया जा सकता.

इसे भी पढ़ें: बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया को राहत, चार महीने की मिली बेल

2.5 लाख डॉलर के गबन का लगा था आरोप

गौरतलब है कि खालिदा को सैन्य शासक से नेता बने उनके दिवंगत पति जियाउर रहमान के नाम परजिया आर्फनेज ट्रस्टके लिए विदेशी चंदे में करीब तीन करोड़ 15 लाख टका (2.5 लाख डॉलर) के गबन का आरोप है. इस मामले में ढाका की विशेष अदालत ने दो बार बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकीं 72 वर्षीय खालिदा को आठ फरवरी को पांच साल के कारावास की सजा हुई थी. वहीं उनके बेटे समेत पांच अन्‍य को 10-10 साल की कैद मिली थी. उन्हें इस मामले में ढाका कोर्ट के पांचवें विशेष न्यायाधीश मोहम्मद अक्तारुज्जमान के समक्ष पेश किया गया थाजहां सुनवाई के दौरान दोषी पाया गया. इसके बाद सजा का एलान किया गया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: