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बकोरिया कांड की जांच में तेजी आते ही बदल दिए गए सीआईडी एडीजी एमवी राव

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NEWS WING
Ranchi, 13 December:
सरकार ने बुधवार को एडीजी रैंक के तीन और आइजी रैंक के दो अफसरों का तबादला कर दिया. सीआइडी के एडीजी एमवी राव का तबादला पुलिस आधुनिकीकरण कैंप दिल्ली में विशेष कार्य पदाधिकारी के पद पर किया गया है. दिल्ली में पदस्थापित नीरज सिन्हा का तबादला एडीजी वायरलेस के पद पर किया गया है. जबकि एडीजी वायरलेस के पद पर पदस्थापित प्रशांत सिंह को सीआईडी का एडीजी बनाया गया है. गृह विभाग द्वारा अधिसूचना के मुताबिक सरकार ने सीआईडी के आइजी टी कंडासामी का तबादला आइजी होमगार्ड के पद पर किया है, जबकि आइजी वायरलेस अरुण सिंह का तबादला एडीजी सीआइडी के पद पर किया गया है.

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जांच में तेजी से हड़कंप मचा था महकमें में
सरकार के इस ताजा तबादले को लेकर शीर्ष अधिकारियों के बीच कई तरह की चर्चा है. एमवी राव की पोस्टिंग एडीजी सीआईडी के पद पर 13 नवंबर को किया गया था. हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्होंने उस कथित पुलिस मुठभेड़ (बकोरिया कांड) की घटना की जांच तेज कर दी थी, जिसमें पुलिस विभाग के कनीय से लेकर कई वरीय अधिकारी संदेह के घेरे में हैं. जांच में तेजी आने के कारण पुलिस विभाग के सीनियर अफसरों में हड़कंप मचा हुआ था. वैसी ताकतें एमवी राव का तबादला कराने के लिए हर स्तर पर कोशिश कर रही थी. 

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घटना के तुरंत बाद भी बदल दिए गए थे एडीजी रेजी डुंगडुंग व डीआइजी हेमंत टोप्पो
इससे पहले भी आठ जून 2015 की रात पलामू के सतबरवा में हुए कथित मुठभेड़ के बाद कई अफसरों के तबादले कर दिए गए थे. सबको पता था कि मुठभेड़ के मामलों की जांच सीआईडी करती है. तब एडीजी रेजी डुंगडुंग सीआईडी के एडीजी थे. सरकार ने उनका तबादला कर दिया था.ताकि मामले की जांच गंभीरता से ना हो. उनके बाद सीआईडी एडीजी के पद पर पदस्थापित होने वाले दो अधिकारियों अजय भटनागर और अजय कुमार सिंह के कार्यकाल में मामले की जांच सुस्त तरीके से हुई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इसपर टिप्पणी की थी. रांची जोन के आइजी सुमन गुप्ता का भी तबादला कर दिया था. क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर तब के पलामू सदर थाना के प्रभारी हरीश पाठक से मोबाइल पर बात की थी. हरीश पाठक को बाद में एक पुराने मामले में निलंबित कर दिया गया था. वह इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह हैं. इसी तरह पलामू के तत्कालीन डीआइजी हेमंट टोप्पो का भी तबादला तुरंत कर दिया गया था. 

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