न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बकोरिया कांड का सच-07ः ढ़ाई साल में भी सीआइडी नहीं कर सकी चार मृतकों की पहचान

45

Ranchi : आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में कुल 12 लोग मारे गए थे. उनमें से एक डॉ आरके उर्फ अनुराग के नक्सली होने का रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध था. जबकि सात के नक्सली होने का कोई रिकॉर्ड अब तक पुलिस व सीआईडी नहीं ढ़ूंढ़ पायी है. इतना ही नहीं ढ़ाई साल में सीआइडी चार मृतकों की पहचान भी नहीं कर पायी है. एसटीएफ के आइजी आरके धान ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में मामले के अनुसंधानक को निर्देश दिया है कि उन चारों मृतकों की पहचान की जाए.

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड की जांच में तेजी आते ही बदल दिए गए सीआईडी एडीजी एमवी राव

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांडः डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी प्रधान, अनुराग गुप्ता समेत घटनास्थल गए सभी वरीय अफसरों का बयान दर्ज करने का निर्देश

ड्राइविंग लाइसेंस मिला पॉकेट से, दिखाया ईंट-भट्ठा से 

जानकारी के मुताबिक घटना में मारे गए चालक मो. एजाज के शव की पहचान नौ जून 2015 की सुबह 6.10 बजे ही हो गयी थी. इस घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक सुबह 6.10 बजे पंचनामा के वक्त मो. एजाज के पॉकेट से उसका पर्स मिला था. जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस था. ड्राइविंग लाइसेंस से उसकी पहचान हो गयी थी. पर, घटनास्थल पर बनाए गए जब्ती सूची के तथ्य बिल्कुल अलग हैं. जब्ती सूची में यह लिखा गया है कि मृत चालक मो. एजाज का ड्राइविंग लाइसेंस घटनास्थल से 100 गज की दूरी पर स्थित ईंट-भट्ठा से बरामद किया गया.

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-01ः सीआईडी ने न तथ्यों की जांच की, न मृतकों के परिजन व घटना के समय पदस्थापित पुलिस अफसरों का बयान दर्ज किया

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-02ः-चौकीदार ने तौलिया में लगाया खून, डीएसपी कार्यालय में हुई हथियार की मरम्मती !

प्राथमिकी में 117 खोखा मिलने की बात, जब्त एक भी नहीं

कथित मुठभेड़ की घटना के बाद पुलिस ने जो प्राथमिकी दर्ज की, उसमें घटनास्थल से गोलियों का 117 खोखा मिलने की बात कही गयी है. लेकिन घटना को लेकर जो जब्ती सूची तैयार की गयी है, उसमें घटनास्थल से जब्त किए गए खोखा का जिक्र ही नहीं है. इतना ही नहीं एक तस्वीर में एक मोबाइल फोन सही हालत में दिख रहा है, लेकिन जब्ती सूची में मोबाइल फोन को टूटा हुआ बताया गया है. जो फोन सही सलामत है, उसका जिक्र जब्ती सूची में किया ही नहीं गया. 

palamu_12

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-03- चालक एजाज की पहचान पॉकेट में मिले ड्राइविंग लाइसेंस से हुई थी, लाइसेंस की बरामदगी दिखाई ईंट-भट्ठे से

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-04-मारे गये 12 लोगों में दो नाबालिग और आठ के नक्सली होने का रिकॉर्ड नहीं

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड- हाई कोर्ट के आदेश पर हेमंत टोप्पो व दारोगा हरीश पाठक का बयान दर्ज

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड-सीआईडी को दिए बयान में ग्रामीणों ने कहा, कोई मुठभेड़ नहीं हुआ, जेजेएमपी ने सभी को मारा

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-05- स्कॉर्पियो के शीशा पर गोली किधर से लगी यह पता न चले, इसलिए शीशा तोड़ दिया

इसे भी पढ़ेः बकोरिया कांड का सच-06- जांच हुए बिना डीजीपी ने बांटे लाखों रुपये नकद इनाम, जवानों को दिल्ली ले जाकर गृह मंत्री से मिलवाया

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: