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बकोरिया कांडः हाई कोर्ट के आदेश पर हेमंत टोप्पो व दारोगा हरीश पाठक का बयान दर्ज

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Ranchi, 05 December: आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में पुलिस के साथ हुए कथित मुठभेड़ में कुल 12 लोग मारे गए थे. इस मामले की जांच सीआइडी कर रही है. हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद सीआइडी ने जांच तेज कर दी है. हाईकोर्ट के आदेश पर सीआइडी ने पलामू के तत्कालीन डीआइजी हेमंत टोप्पो और पलामू सदर थाना के तत्कालीन प्रभारी एसआइ हरीश पाठक का बयान दर्ज कर लिया है. उल्लेखनीय है कि कथित रूप से फरजी मुठभेड़ के इस मामले में ढ़ाई साल में सीआइडी ने जांच पूरी नहीं की है. इस दौरान सीआइडी ने दो एडीजी अजय भटनागर और अजय कुमार सिंह पदस्थापित रहे. लेकिन इस मामले की जांच पूरी हो, इसमें किसी ने भी रुचि नहीं दिखायी.

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हाई कोर्ट ने दिया था बयान दर्ज करने का आदेश

24 नवंबर को हाई कोर्ट ने डीआइजी हेमंत टोप्पो और एसआइ हरीश पाठक का बयान दर्ज करने का आदेश सीआइडी को दिया था. उल्लेखनीय है कि इसी मामले की जांच पिछले साल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी की थी. आयोग ने सीआइडी जांच में कई खामियां पायी थी. जिसके बाद आयोग ने झारखंड पुलिस को निर्देश दिया था कि मामले की जांच एसपी रैंक के अफसर से करायी जाए और मामले का सुपरविजन आइजी रैंक के अफसर करें. गौरतलब है कि कथित मुठभेड़ में जो 12 लोग मारे गये थे, उनमें से एक डॉ आरके उर्फ अनुराग के नक्सली होने का रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध था. जबकि आठ के नक्सली होने का कोई रिकॉर्ड अब तक पुलिस व सीआईडी नहीं ढ़ूंढ़ पायी है. घटना के दो दिन बाद पलामू के तत्कालीन एसपी कन्हैया मयूर पटेल ने कहा था कि मारे गए सभी लोगों की तस्वीरें जिलों के एसपी को भेजी गयी हैं, ताकि यह पता चल सके कि किनके-किनके खिलाफ नक्सली होने का कोई रिकॉर्ड पहले से है. हालांकि सूचना है कि अब तक एक को छोड़ किसी के भी नक्सली होने के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं मिले हैं. 

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परेशान हैं पुलिस के सीनियर अफसर, हो रही मैनेज करने की कोशिश

हाई कोर्ट का आदेश आने के बाद पुलिस विभाग और सीआरपीएफ के सीनियर अफसर परेशान हैं. पलामू इलाके में सीनियर अफसरों का दौरा बढ़ गया है. सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों के द्वारा पीड़ित परिवार को मैनेज करने की कोशिश भी की जा रही है. इसके लिए एक बड़ी राशि देने की बात कही जा रही है. 

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