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फीस बढ़ाने में नहीं चलेगी अब निजी स्कूलों की मनमानी, समिति करेगी तय, कैबिनेट बैठक में लिये गये कई अहम फैसले

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NEWS WING Ranchi, 05 December: निजी स्कूलों पर फीस बढ़ोतरी मामलों में सरकार ने नकेल कस दिया है. अब स्कूल अपने मन से फीस की बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे. फीस बढ़ाने से पहले स्कूल प्रबंधन को फीस निर्धारण समिति से प्रस्ताव पास कराना होगा. समिति ही फीस बढ़ाने संबंधी निर्णय लेगी. इस समिति में स्कूल प्रबंधन के सदस्यों के अलावा चार अभिभावक भी होंगे. नौ सदस्यों वाली इस समिति में स्कूल के प्रिंसिपल सचिव होंगे. समिति अधिकतम 10 फीसदी तक फीस में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा सकती है. स्कूल प्रबंधन अगर 10 फीसदी से ज्यादा फीस बढ़ाने का दबाव बनाती है तो मामला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला समिति में जाएगा. जिला समिति के फीस निर्धारण के बावजूद अगर स्कूल प्रबंधन ज्यादा फीस लेता है तो प्रबंधन पर कार्रवाई का प्रावधान है. फीस बढ़ोतरी के लिए जो समिति बनायी जाएगी वो तीन साल तक काम करेगी. इसके बाद ही इसमें किसी तरह का बदलाव किया जा सकता है. मंगलवार को हुए कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया गया.  

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बर्खास्त अरुण कुमार फिर से निदेशक नियुक्त
उच्च तकनीकी शिक्षा कौशल विकास के निदेशक के पद से 25 अक्टूबर 2013 को बर्खास्त किए गए अरुण कुमार को फिर से उसी पद पर बहाल कर लिया गया है. कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी. अरुण कुमार की नियुक्ति के बाद उनर फर्जी सर्टिफिकेट रखने का आरोप लगा था. विभागीय जांच के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था. बर्खास्तगी के बाद अरुण कुमार हाईकोर्ट गए. जहां उनके बर्खास्तगी को कोर्ट ने गलत बताया. फैसले के बाद सरकार ने भी एलपीए दायर किया है. हालांकि एलपीए पर किसी तरह का कोई फैसला नहीं आया है. फैसला आने तक अरुण कुमार निदेशक के पद पर पहले की तरह कायम रहेंगे. 

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सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल, शिक्षकों और कर्मियों की होगी नियुक्ति
सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल, सहायक प्राध्यापक और दूसरे खाली पड़े पदों पर नियुक्ति होगी. कैबिनेट की बैठक में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला लिया गया. मामले पर जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने बताया कि रांची विश्वविद्यालय के सात कॉलेजों में 203 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. सरकार का इन नियुक्तियों पर सालाना 11.38 करोड़ खर्च होगा. कोल्हान (चाईबासा) विश्वविद्यालय के छह कॉलेजों में 173 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. सरकार का इन नियुक्तियों पर सालाना 9.69 करोड़ खर्च होगा. सिद्धुकानू मुर्मू विश्वविद्यालय के सात कॉलेजों में 203 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. सरकार का इन नियुक्तियों पर सालाना 11.38 करोड़ खर्च होगा. वहीं नीलांबर और पीतांबर के चार कॉलेजों में 114 पदों पर नियुक्तियां होंगी. सरकार का इन नियुक्तियों पर 6.44 करोड़ रुपए खर्च होगा. 

कैबिनेट में लिए गये अन्य फैसले 
– देशवरी, गंजू, दौलतबंदी, पटबंदी, राउत, माझिया और खैरी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया.
– पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर झारखंड राज्य में अब होने वाली शादियों को निबंधित (रजिस्ट्रर्ड) कराना होगा. निबंधन नहीं किए जाने पर राजोना पांच रुपए के हिसाब से सरकार दंड के रूप में वसूल सकती है. साथ ही शादी के बारे झूठ बोलने पर भी 5000 रुपए जुर्माना है. 
– खेल विश्वविद्यालय विधेयक 2017 को स्वीकृति. इसके तहत एक स्टेट स्पोर्ट सोसाइटी का गठन किया जाएगा. स्वीकृति के बाद विधेयक को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा. 
– ग्राम रक्षा दल नियामवली 2001 को निरस्त कर दिया गया. अब ग्राम रक्षा दल में किसी तरह की कोई नयी बहाली नहीं होगी. 
– कोनार नदी सिंचाई परियोजना के लिए 2176 करोड़ रुपए की स्वीकृति
– नगर विकास विभाग की तरफ से शहरी स्थानीय निकायों में तीन सालों के लिए 20 नगर प्रबंधक पद की स्वीकृति. 
– ऊर्जा संचरण के क्रम में जिन रैयतों की जमीन टावर लगाने में गयी है उन्हें अब ज्यादा फायदा होगा. जितनी जमीन टावर लगने में रैयत की गयी है, उन्हें पुराने मुआवजे के अलावा सर्कल रेट का 85 फीसदी ज्यादा भुगतान किया जाएगा. वहीं हवा में जितनी दूर तक तार टावर के दोनों तरफ फैला हुआ होगा उन्हें सर्कल रेट का 15 फीसदी पहले मुआवजे के अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा.   
– पंचायत क्षेत्रों में भी अब मकान बनाने के लिए कम्प्यूटराइज नक्शा अनिवार्य है. इस काम को पंचायत स्तर पर Softtech Engineer Private Limited करेगी.
– हजारीबाग के बड़कागांव अंचल के 10.12 एकड़ गैरमजरुआ खास जमीन को 30 साल के लिए एनटीपीसी को लीज पर देने की स्वीकृति
 

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