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प्ले स्कूल: सरकारी गाइड लाईन जारी, बिना मानक वाले स्कूलों की भरमार

News Wing

Ranchi, 23 August: प्ले स्कूल के लिए गाइड लाइन केंद्र सरकार द्वारा जारी कर दिया गया है, इसके बावजूद झारखण्ड में बिना मानक पूरा किये प्ले स्कूल कई शहरों में धड़ल्ले से चल रहे हैं, ज्ञात हो कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली द्वारा प्ले स्कूल के संचालन हेतु 30 पेज का गाइड लाइन इस दिशा में जारी किया गया है.

झारखण्ड सरकार के महिला, बाल विकास एवं समाजिक सुरक्षा विभाग ने भी केंद्र सरकार के गाइड लाइन को राज्य के अंतर्गत आने वाले सभी प्ले स्कूलों के लिए जारी कर दिया है. लेकिन बहुत कम ऐसे प्ले स्कूल हैं, जो इनके मानकों को पूरा करते हैं. कुल मिलाकर देखें, तो राज्य के प्रमुख शहरों में कुकुरमुत्ते कि तरह प्ले स्कूल खुल रहे हैं, वह भी बिना मानकों को पूरा किये. हालांकि मानकों को पूरा करके चल रहे प्ले स्कूलों की संख्या पूरी नील नहीं है. सरकार द्वारा जारी मानकों को ध्यान में रखते हुए उसके अनुरूप कई प्ले स्कूल राज्य में बेहतर रूप से संचालित हो रहे हैं.

Sanjeevani

स्कूल प्रबंधकों ने किया स्वागत

रांची स्थित नन्हे कदम, क्रयोंस प्ले स्कूल, लिटिल हाउस प्ले स्कूल जैसे स्कूलों के प्रबंधकों ने स्कूल के लिए गाइड लाइन लाने का स्वागत किया है.

नन्हे कदम की संचालिका विभा सिंह का कहना है कि सरकार ने प्ले स्कूल के लिए जो दिशा- निर्देश जारी किया है, वह स्वागत योग्य है. इसके आने से प्ले स्कूल कि महत्ता भी बढ़ेगी. शिक्षा का उदेश्य लाभ अर्जन नहीं होना चाहिए बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए.

क्रयोंस प्ले स्कूल कि संचालिका प्रीति बाला ने प्ले स्कूल के लिए बने गाइड लाइन का स्वागत करते हुए कहा कि स्कूलों लिए मानक के साथ इन छोटे-छोटे बच्चों के लिए पाठ्यक्रम भी सरकार द्वारा तय किया जाना चाहिए.

सरकार द्वारा जारी किये गए गाइड लाइन कि महत्वपूर्ण बातें

1- 20 बच्चों पर एक शिक्षक.

2- हर 20 बच्चों पर एक दाई, जो स्कूल के समय उनकी देखभाल करे.

3- बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल की चाहरदीवारी होनी चाहिए.

4- स्कूल भवन में उचित वेंटिलेशन की सुविधा.

5- स्कूल में बच्चों लिए विश्रामगृह होने चाहिए.

6- खेलने के लिए खुला मैदान हो. 

7-बच्चों  के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए.

8- पीने के लिए साफ़ उपलब्ध हो.

9- बच्चों के लिए दवा एवं खाने का प्रबंध हो. 

10- हर एरिया को कवर करता सीसीटीवी कैमरा लगा होना चाहिए.

11- कीटनाशक दवा का प्रबंध हो.

स्कूल में बच्चों की पढ़ाई का समय: ईसीसीई पॉलिसी 2013 के अनुसार बच्चों के लिए स्कूल में प्रति दिन 3-4 घंटे का पाठ्यक्रम अनिवार्य होना चाहिए. बच्चों के अनुरूप हो कक्षा प्ले स्कूल में बच्चों के बेहतर बैठने की सुविधा के साथ उनके खेलने की भी सामग्री होनी चाहिए. खेल-खेल में शिक्षा देने हेतु बच्चों के लिए आधुनिक खेल सामग्री होनी चाहिए साथ ही बच्चों के लिए उनके अनुरूप लाइब्रेरी की भी व्यवस्था हो.

प्राथमिक उपचार की सामग्री: स्कूल में बच्चों के प्राथिमक उपचार हेतु सारी व्यवस्था और फर्स्ट ऐड किट्स जरूर होने चाहिए.

डाटा संग्रह: बच्चों से जुड़ी हुई तमाम जानकारियों का रिकॉर्ड जैसे नामांकन संख्या, बच्चों और शिक्षकों का अटेंडेंस रजिस्टर, स्कूल प्रबंधन के सारे रिकॉर्डस.

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