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प्राईवेट अस्पताल नहीं कराते ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन, जरूरत के हिसाब से मात्र 25 प्रतिशत का ही हो पाता है जुगाड़

Kumar Gaurav

Ranchi: केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देष का पालन अगर झारखंड में स्वास्थ्य विभाग करा लेती है, तो शहर के सभी अस्पतालों को ब्लड डोनेशन कैंप करवाना पड़ेगा. पर अभी का मौजूदा आलम ये है कि जिन भी अस्पतालों के पास ब्लड बैंक नहीं है. वैसे कोई भी अस्पताल अभी तक एक भी ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन नहीं कराते या यूं कहें कि करवाने की जरुरत नहीं समझते. राज्य के विभाग के अधिकारियों की सुस्ती को देखकर ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे राज्य में फिलहाल फॉलो करा पाना मुश्किल नजर आ रहा है. आलम ये है कि मरीजों को जरुरत पड़ने वाले कुल यूनिट खून का मात्र 25 प्रतिशत ही कैंपों के माध्यम से जुगाड़ हो पाता है.

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प्राईवेट अस्पतालों का तगड़ा नेटवर्क बन सकता है बाधा
राज्य के प्राईवेट अस्पतालों का नेटवर्क इतना मजबूत और एकमत है कि शायद ही कोई अस्पताल अपने कंधे पर इतना भारी बोझ उठाना चाहेगा. अगर राज्य सरकार इनको नियम मानने के लिए बाध्य करती है, तो फिर खून की कमी से मरीजों को जुझना नहीं पड़ेगा. फिलहाल राज्य में गिनती मात्र के ही ब्लड डोनेशन कैंप कराने वाली संस्था हैं, जिनपर राज्य की खून की कमी को दूर करने का बोझ है. राज्य के प्रमुख और प्राइवेट अस्पताल जब इस काम में भागीदारी को तैयार हो जाएंगे, तो दर्जन से बढ़कर कैंप कराने वालों की संख्या सैंकड़ों में हो जाएगी. जिससे ब्लड डोनेशन के क्षेत्र में क्रांति आ जाएगी.

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प्रोफेशनल डोनर के मदद से चलने वाले ब्लड बैंकों पर लग जाएगा ताला
अकेले रांची में कई ऐसे ब्लड बैंक हैं, जहां प्रोफेशनल डोनर के कतार लगे रहते हैं. ऐसे डोनरों को खून के बदले पैसे दिए जाते हैं. और उसी खून को ज्यादा पैसे लेकर जरुरतमंदों को दे दिया जाता है. प्रोफेशनल डोनरों से संग्रह किए गए खून को चढ़ाने से मरीजों को फायदे के बजाय नुकसान ही होता है. अगर सभी प्रमुख अस्पताल अपने लिए डोनेशन कैंप का आयोजन करेंगे, तो ऐसी गतिविधियों पर विराम लग जाएगा और साथ ही ऐसा करने वाले ब्लड बैंक बंद हो जाएंगे.

सिर्फ रिम्स में हर दिन है 120 से ज्यादा यूनिट खून की खपत
खून के जरुरत का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ एक ब्ल्ड बैंक से हर दिन लगभग 120 यूनिट खून की सप्लाई की जाती है. फिलहाल जितने भी ब्लड की सप्लाई होती है लगभग 90 प्रतिशत के लिए डोनर मुहैया हो जाते हैं. महीने में रिम्स के लिए लगभग 20 डोनेशन कैंप का आयोजन किया जाता है. एक डोनेशन से एवरेज ब्लड 30 यूनिट आ जाता है. आवश्यकता का करीब 25 प्रतिशत ही कैंपों के माध्यम से आ पाता है. रिम्स ब्लड बैंक से शहर के सभी प्राईवेट और सरकारी अस्पताल खून ले जाते हैं.

 शहर के प्रमुख ब्लड बैंक और अस्पताल को दी जाने वाली ब्लड पर एक नजर 
 

रिम्स ब्लड बैंक 
प्रतिदिन ब्लड की खपत 120 औसतन
ब्लड डोनेशन कैंपों की संख्या प्रतिमाह 20 औसतन
प्रति कैंप यूनिट  30 औसतन 
शहर के सभी प्रमुख अस्पताल के मरीज ले जाते हैं खून

 

सेवा सदन ब्लड बैंक
हर महीने कुल ब्लड की खपत 1000 से 1200 यूनिट
ब्लड डोनेशन कैंपों की संख्या प्रति महीना 3 औसतन
सेवा सदन बैंक से शहर के सभी अस्पताल ले जाते हैं खून

 

गुरुनानक ब्लड बैंक

हर महीने खपत 600 से 700 औसतन
ब्लड डोनेशन कैंप प्रतिमाह 2  

 

 

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