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प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के कांग्रेस मुक्त भारत को मोहन भागवत ने नकारा, कहा- संघ किसी को छांटने की पक्षधर नहीं

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New Delhi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बीजेपी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने पर पानी फेर दिया है. एक अप्रैल को पुणे में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत जैसे नारे राजनीतिक बयानबाजी है, न कि संघ की भाषा है. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि मुक्त शब्द का इस्तेमाल राजनीति में किया जाता है. संघ किसी को छांटने की भाषा का प्रयोग नहीं करती है. मगर आरएसएस के एजेंडे पर चलने वाली भाजपा हमेशा कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती है.

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राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सभी को भागीदार बनाना है : भागवत

मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि हमें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सभी लोगों को भागीदार बनाना है. जो विरोधी हैं उन्हें भी इसमें शामिल करना है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में संसद में कहा था कि वह महात्मा गांधी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. वर्तमान समय में कई राज्यों में कांग्रेस का सफाया भी हुआ है.

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1983 बैच के अधिकारी ध्यानेश्वर मुले की छह पुस्तकें लांच करने पहुंचे थे भागवत

भागवत 1983 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी ध्यानेश्वर मुले की छह पुस्तकें लांच करने के लिए पुणे के एक कार्यक्रम में आए थे. मुले विदेश मंत्रालय में फिलहाल सचिव (कांसुलर, पासपोर्ट, वीजा और ओवरसीज इंडियन अफेयर्स) हैं. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि बदलाव लाने के लिए सकारात्मक पहल करने की जरूरत है. नकारात्मक दृष्टि वाले केवल संघर्षों और विभाजन की ही सोचते हैं. उन्होंने कहा कि विभाजन की सोंच रखने वाला व्यक्ति कभी राष्ट्र निर्माण में सहयोगी नहीं बन सकता है.

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