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पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने तोड़ी भाषा की मर्यादा, मुख्यमंत्री रघुवर दास को कहा ‘नशेड़ी’

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बजट पूर्व संगोष्ठी में सीएम ने कहा थाः पलामू में हावी है ब्राह्मणवाद

News Wing Palamu, 08 December: पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने शब्दों की मर्यादा को लांघते हुए सीएम रघुवर दास के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. उन्होंने रघुवर दास को नशेड़ी कहा है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि पलामू में ब्राह्मणवाद हावी है. इस बयान से तिलमिलाये त्रिपाठी ने सीएम पर टिप्पणी की और भाजपा नेतृत्व से मांग की है कि वो रघुवर दास से इस्तीफा मांगें. गौरतलब है कि दो दिन पहले गढ़वा में बजट पूर्व संगोष्ठी में केएन त्रिपाठी ने कहा था पलामू प्रमंडल में ब्राह्मणवाद हावी है. इसके बाद शुक्रवार को त्रिपाठी ने अपने आवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री नशे में रहते हैं और अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं. इससे राज्य की गरिमा तार-तार हुई है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कभी जातिवाद तो कभी क्षेत्रवाद की बात कर राज्य की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. इस बात की कांग्रेस पार्टी घोर निन्दा करती है.

अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं रघुवर दास

केएन त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री किसी जाति का नहीं होता. वह राज्य का मुखिया होता है और राज्य का विकास करना उसकी पहली प्राथमिकता होती है, लेकिन रघुवर दास अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं. जो राज्य के विकास में बाधक है. उन्होंने कहा कि पलामू नेतृत्व पर विश्वास करता है, जातिवाद पर नहीं. उन्होंने कहा कि डाल्टनगंज में सिक्ख समुदाय के करीब 500 लोग हैं, लेकिन उसके बाद भी इंदर सिंह नामधारी लगभग 25 वर्षों तक यहां के जनप्रतिनिधि रहे. उसी तरह गढ़वा से गोपीनाथ सिंह और गिरिनाथ सिंह ने कई वर्षों तक जनप्रतिनिधित्व किया, जबकि गढ़वा विधानसभा में राजपूत जाति की संख्या काफी कम है.

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अंग्रेजी हुकूमत की तरह शासन चलाना चाहते हैं

त्रिपाठी ने कहा कि पलामू ऐसा जिला है जहां के लोग जातिवाद से उपर उठकर कार्य करते हैं. उन्होंने कहा कि सीएम ने बजट पूर्व संगोष्ठी में यह भी कहा कि मुखिया पति को पंचायत और प्रखंड कार्यालयों में घुसने नहीं दिया जायेगा. इसकी घोर निन्दा करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि रघुवर दास अपने अधिकारियों को निर्देश दें कि वे पंचायत जनप्रतिनिधियों की बात सुनें उनके पति के बातों को नहीं, लेकिन पंचायत और प्रखंड में जाने का अधिकार भारत के हर नागरिक को प्राप्त है. इसे रोकना अंग्रेजी हुकूमत के राह पर चलने जैसा है.

झारखंड के बड़े नेताओं ने की है रघुवर को हटाने की मांग

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गलत बयानबाजी करने के आरोप में वरिष्ठ नेता मणीशंकर अय्यर को निलंबित कर दिया था. उसी तरह भाजपा के बड़े नेताओं से झारखंड को बचाने के लिए रघुवर दास को हटाने की मांग की है.

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नियोजन नीति पर 15 दिनों में शुरू होगा आंदोलन

केएन त्रिपाठी ने कहा कि रघुवर दास की सरकार राज्य के 11 जिलों में नियोजन नीति लागू कर यहां के बेरोजगारों के पेट पर लात मारने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि नियोजन नीति के विरोध में 15 दिनों के बाद वंशीधर से देवघर तक जोरदार आंदोलन की शुरूआत की जायेगी. इस दौरान इन 11 जिलों के अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर बैठक कर आम लोगों को गोलबंद किया जायेगा, ताकि रघुवर दास सरकार की नींव हिल जाये. इस मौके पर त्रिपाठी के साथ कौशल दुबे सहित कई लोग उपस्थित थे.

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