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‘पीके’ से हिंदू संगठन खफा, कई राज्यों में विरोध

आगरा/भोपाल : अब तक 200 करोड़ रुपये कमा चुकी आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके ‘ की वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी भले ही प्रशंसा कर चुके हों, मगर हिंदू संगठनों की भौंहें तन गई हैं। कहीं पोस्टर फाड़े गए तो कहीं सिनेमाघर में घुसकर स्क्रीनिंग बाधित की गई। कहा गया कि ‘आमिर को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।’ राजकुमार हिरानी निर्देशित इस फिल्म के खिलाफ सोमवार को उत्तर प्रदेश के आगरा और मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में फिल्म के खिलाफ हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया।

फिल्म ‘पीके’ के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने आगरा में प्रदर्शन किया। वे रविवार शाम श्री टॉकीज के भीतर पहुंच गए और फिल्म की स्क्रीनिंग बाधित की।

कार्यकर्ताओं ने ‘पीके’ फिल्म के पोस्टर फाड़ डाले और प्रबंधकों को फिल्म दिखाए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। वे अभिनेता आमिर खान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। आमिर पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने यहां तक कह डाला कि ‘आमिर को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।’

सिनेमा हॉल प्रबंधन ने न्यू आगरा पुलिस स्टेशन में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शहर के पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, बजरंग दल के मदन शर्मा और विहिप के राजेंद्र गर्ग ने आमिर की आलोचना करते हुए कहा कि फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं का माखौल उड़ाकर वह अपनी हिंदू विरोधी भावना प्रदर्शित कर रहे हैं।

उधर, भोपाल में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ज्योति सिनेमाघर के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म में हिंदू देवताओं का अपमान किया गया है।

बजरंग दल के प्रदेश उपाध्यक्ष, कमलेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता जब ज्योति सिनेमाघर पर प्रदर्शन करने पहुंचे तो पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।

ठाकुर ने कहा, “इस फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। बजरंग दल जल्द ही राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कर फिल्म के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगा।”

गौरतलब है कि द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और योगगुरु बाबा रामदेव सहित अन्य धर्म गुरुओं ने ‘पीके’ के संवादों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ज्योति सिनेमाघर के सामने प्रदर्शन किया और वहां लगे फिल्म के पोस्टर फाड़ दिए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने सिनेमाघर परिसर में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन वहां पहले से तैनात पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया।

शहर के महाराणा प्रताप इलाके पुलिस अधीक्षक (नगर) अरविंद खरे ने आईएएनएस को बताया, “प्रदर्शनकारियों को सिनेमाघर के दरवाजे पर ही रोक दिया गया था। पुलिस ने उनके साथ कोई धक्का-मुक्की नहीं की है, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।” (आईएएनएस)

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