न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पलामू: सिर्फ बिजली कनेक्शन के अभाव में पांच वर्षों से बनकर पेंडिंग पड़ा है चैनपुर का सीएचसी, विस में उठा अस्पताल भवन मामला, स्वास्थ्य अधिकारियों में हड़कंप

11

Daltonganj: झारखंड के कई ऐसे इलाके हैं जहां भवन के अभाव स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. लेकिन पलामू जिले में इसका उलटा हो रहा है. करीब पांच वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से बनकर तैयार हुआ चैनपुर का 30 शैय्या वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकर तैयार होने के बाद मात्र बिजली कनेक्शन के अभाव में शुरू नहीं हो पाया है. भवन के अभाव में सीएचसी का संचालन तीन से चार कमरों के पुराने और जर्जर भवन में किया जा रहा है.   

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-01ः सीआईडी ने न तथ्यों की जांच की, न मृतकों के परिजन व घटना के समय पदस्थापित पुलिस अफसरों का बयान दर्ज किया

विधानसभा में उठा चैनपुर सीएचसी का मामला

चैनपुर प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के नये भवन का मामला पिछले दिनों विधानसभा में उठाया गया. डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से यह जानने का प्रयास किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के नये भवन का निर्माण हो जाने के बाद भी इसे संचालित क्यों नहीं किया जा रहा है. श्री चौरसिया के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि नये भवन में बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण इसे संचालित नहीं किया गया है. बिजली का कनेक्शन प्राप्त होते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के इस नये भवन को संचालित कर दिया जायेगा.

बिजली कनेकशन के अभाव में पौने चार करोड़ का भवन बेकार

वर्ष 2011-12 में पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में कुल 3,74,95,500 की लागत से 30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण की विभागीय स्वीकृति प्रदान की गयी थी. इसके बाद चैनपुर प्रखंड कार्यालय के पीछे भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ. करीब दो-तीन साल पहले ही भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन इस नये भवन में आज तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन नहीं हो पाया है. आज भी चैनपुर बाजार स्थित पुराने स्वास्थ्य केन्द्र में ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिजली कनेक्शन के लिए इस भवन को और कितना लंबा समय इंतजार करना पड़ेगा. 

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-02ः-चौकीदार ने तौलिया में लगाया खून, डीएसपी कार्यालय में हुई हथियार की मरम्मती !

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिया जायजा

विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद आनन-फानन में पलामू के सिविल दर्जन डॉ कलानंद मिश्रा सहित अन्य चिकित्सकों ने सीएचसी भवन का जायजा लिया. उन्होंने सीएचसी को जल्द शुरू कराये जाने में आ रही अड़चनों को दूर करने की जानकारी ली. भवन का जायजा लेने में स्वास्थ्य अधिकारियों को भारी परेशानी हुई.

क्या कहते हैं विद्युत सहायक अभियंता

मेदिनीनगर ग्रामीण के विद्युत सहायक अभियंता केबी सिंह ने बताया कि नव निर्मित भवन में तीन फेज बिजली कनेक्शन की आवश्कता है. संवेदक द्वारा केवल सुपरविजन चार्ज जमा कराया गया है. प्राकलन के अनुसार संवेदक को भवन में बिजली कनेक्शन के लिए जरूरी विद्युत उपकरण भी लगाने थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. नतीजा बिजली का तीन फेज कनेक्शन कराने में विभाग असमर्थ है. संवेदक या तो जरूरी उपकरण खरीद कर लगावे या फिर सुपरविजन के साथ-साथ उपकरण खरीद में जितनी कीमत आती है उसे विभाग में जमा कर दे. इसके बाद ही बिजली का कनेक्शन दिया जा सकेगा.

इधर संवेदक का कहना है कि नियमानुसार बिजली कनेक्शन के लिए जो भी कार्य किए जाने थे उसे पूरा कर दिया गया है. इसके बावजूद बिजली विभाग कनेक्शन देने में अड़ंगा डाले हुए हैं. 

लोगों को मिलेगी राहत : डॉ अजय सिंह

आईएमए के पलामू जिला उपाध्यक्ष डॉ अजय सिंह का कहना है कि नये भवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के संचालित होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी. 30 बेड वाले इस अस्पताल में संसाधनों का भी विस्तार होगा, जिससे गरीब मरीजों को राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि भवन बनने के बावजूद इसे चालू क्यों नहीं किया गया है, इस पर सरकार को त्वरित संज्ञान लेना चाहिए और इस दिशा में पहल होनी चाहिए.

नया भवन भी होने लगा है जर्जर 

सीएचसी का नया भवन जर्जर होने लगा है. इस भवन में लगा वाटर कनेक्शन कट गया है और दीवारों में दरार आ गयी है. कई जगह दीवारों से सीपेज हो रहा है. ऐसे में नये भवन उपयोग के बिना की जर्जर हो गया है. रख-रखाव के अभाव में भवन के चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आयी हैं.

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-03- चालक एजाज की पहचान पॉकेट में मिले ड्राइविंग लाइसेंस से हुई थी, लाइसेंस की बरामदगी दिखाई ईंट-भट्ठे से

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: