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पलामू : फर्जी कागजात बनाकर लिया सरकारी लाभ, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

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Daltonganj : पलामू जिला अंतर्गत नावाबाजार प्रखंड के चनेया गांव निवासी रामरेखा राम ने फर्जी चेकस्लीप तैयार कर सरकार की ओर से दिये जाने वाले अनुदानित ट्रैक्टर का लाभ प्राप्त किया है. मामला प्रकाश में आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी, लेकिन पहुंच और पैरवी के कारण उसपर अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. जानकारी के अनुसार सरकारी अनुदानित ट्रैक्टर का लाभ किसान को दिया जाता है, जिसके नाम पांच एकड़ से अधिक भूमी होती है, लेकिन रामरेखा के हिस्से में केवल 48 डिसमिल जमीन है, लेकिन स्वयं राजस्व कर्मचारी का फर्जी हस्ताक्षर कर पांच एकड़ पच्चासी डिसमिल का फर्जी भूमी धारण पत्र बनवाया, साथ हीं विभाग की मिलीभगत से अनुदानित ट्रैक्टर का लाभ लेने में भी कामयाब हो गया.

मामले में नावाबाजार प्रखंड के अंचलाधिकारी अशोक चोपड़ा ने बताया कि मामला भूमि संरक्षण विभाग से जुड़ा है. मामले में कार्रवाई की जा रही है. ट्रैक्टर जब्त करने का निर्देश दिया गया है. आरोपी पर भी कार्रवाई होगी.

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राजस्व कर्मचारी सत्येन्द्र पांडेय से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करवाया

इसका खुलासा होने के बाद जांच कराते हुये नावाबाजार अंचल पदाधिकारी ने राजस्व कर्मचारी सत्येन्द्र पांडेय से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करवाया है. बावजूद गिरफ्तारी नहीं की जा रही है. जबकि आरोपी अपने को राजनैतिक पार्टी का कदावर नेता कह प्रखंड के सभी बैठक में भाग लेता है, जिसमें अंचलाधिकारी सहित थाना प्रभारी भी होते हैं.

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पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को मिलता है अनुदानित ट्रैक्टर का लाभ, आरोपी के नाम है केवल 48 डिसमिल जमीन

आरोपी रामरेखा राम

बताया जाता है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से नावाबाजार प्रखंड में दो अनुदानित ट्रैक्टर भूमी संरक्षण विभाग से दिया जाना था, जिसमें विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को दिए जाने वाले अनुदानित ट्रैक्टर जिले के नावाबाजार प्रखंड स्थित चनेया गांव निवासी भूमिहीन रामरेखा राम को ट्रैक्टर दे दिया गया है. जबकि रामरेखा राम के नाम केवल 48 डिसमिल जमीन है. बताया जाता है कि इनके पिता के हिस्से में कुल जमीन 2 एकड़ 40 डिसमिल है, जबकि रामरेखा राम पांच भाई हैं. ऐसे में आरोपी के हिस्से में मिले जमीन को पांच एकड़ 85 डिसमिल दिखाया जाना एक गंभीर मामला है. फिर भी अधिकारी चुप्पी साधे हुये हैं.

मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में भी की गई मामले की शिकायत, बावजूद इसके नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय लोगों द्वारा इसकी शिकायत प्रखंड अधिकारियों सहित जिला कार्यालय व मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी की गई, लेकिन अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण आरोपी के उपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि नावाबाजार अंचलाधिकारी ने बसना हल्का के राजस्व कर्मचारी के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवायी है. बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. स्थानीय लोगों के द्वारा मुख्यमंत्री जनसंवाद में किये गये शिकायत के आलोक में जनसंवाद केंद्र के अधिकारी आरोपी के उपर प्राथमिकी दर्ज करते हुये ट्रैक्टर जब्त करने का निर्देश दिया है. बावजूद विभागीय अधिकारी व पुलिस की ओर से उसे हरसंभव बचाने का प्रयास किया गया है.

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नावाबाजार प्रखंड कार्यालय में होती है दलालों की बैठक

विदित हो कि नावाबाजार प्रखंड सहित जिले में यह पहली घटना नहीं. सूत्रों की मानें तो जिला कार्यालय दलालों का ठिकाना है, यहां कार्यालय में पूरे दिन दलालों की बैठक चलती है और मोटी रकम लोगों को योजना का लाभ दिलाया जाता हैं. नावाबाजार प्रखंड में अबतक कई भूमिहीनों को अनुदानित ट्रैक्टर दिया गया है, उसमें से कईयों ने तो ट्रैक्टर का कृषि कार्य में उपयोग भी नहीं किया और बेच दिया.

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