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पलामू : नक्सली शिवशंकर रजवार को सात वर्ष सश्रम कारावास, मुठभेड़ के बाद हथियार के साथ हुआ था गिरफ्तार

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Daltonganj : करीब 11 वर्ष पूर्व आर्म्स के साथ पकड़े गए नक्सली शिवशंकर रजवार उर्फ शिवशंकर राजवंशी को पलामू व्यवहार न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय की अदालत ने सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. न्यायाधीश ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-ए), 26 (2) के तहत उपरोक्त अभियुक्त को दोषी करार दिया है. साथ ही दोनों धाराओं के अंतर्गत उसे सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. अर्थदंड की राशि नहीं जमा करने पर उसे प्रत्येक धाराओं के अंतर्गत दो-दो माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. अभियुक्त द्वारा अनुसंधान और विचारण के दौरान कारा में बितायी गयी अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का आदेश भी दिया गया है.

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4 अगस्त 2007 को पुलिस-नक्सलियों के बीच हुये मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ था शिवशंकर रजवार

अभियोग का सारांश है कि 3-4 अगस्त 2007 की रात्रि में जिले के मोहम्मदगंज थानान्तर्गत काशीसोत डैम के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हुई थी. इस दौरान पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली रात में पहाड़ी में छिप गए थे. सुबह छापामारी के दौरान हैदरनगर के सड़ैया निवासी नक्सली शिवशंकर रजवार को पहाड़ी से गिरफ्तार किया गया था और जांच के दौरान उसके पास से नाइन एमएम का ऑटोमेटिक पिस्टल, जिसपर मेड इन यूएसए लिखा हुआ था साथ ही पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किया था. इस संदर्भ में मोहम्मदगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी केके राय ने उपरोक्त अभियुक्त एवं अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी. बाद में अनुसंधान के बाद आरोप पत्र समर्पित किया गया था. इस मामले में एक अन्य आरोप रट्टू यादव को आरोप सिद्ध नहीं होने के कारण बरी कर दिया गया है.

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