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पलामू: दस लाख के इनामी माओवादी जोनल कमांडर एनुल खान और टीपीसी के एरिया कमांडर अजय प्रसाद ने किया सरेंडर

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News Wing Ranchi, 29 November: पलामू पुलिस के लिए बुधवार का दिन उपलब्धियों से भरा रहा. दो कुख्यात उग्रवादियों ने पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के समक्ष सरकार की सरेंडर पॉलिसी से प्रभावित होकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का संकल्प लिया. माओवादी के जोनल कमांडर ऐनुल खान उर्फ गोविंद जी और टीपीसी के एरिया कमांडर अजय प्रसाद उर्फ रौशन जी ने पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित एक समारोह में दोनों उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआईजी विपुल शुक्ला ने की तथा बतौर मुख्य अतिथि पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त राजीव अरूण एक्का तथा विशिष्ट अतिथि सीआरपीएफ के डीआइजी जयंत पाल के अलावा पलामू के उपायुक्त अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा तथा सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट सतीश लिंडा उपस्थित थे.

रौशन जी के खिलाफ दर्ज हैं 24 मामले

सर्वप्रथम प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमिटी (टीपीसी) के कमांडर अजय प्रसाद उर्फ रौशन जी ने आत्मसमर्पण किया. रौशन पर 24 मामले प्रतिवेदित हैं. इनमें 10 मामले पलामू में, जबकि 14 मामले गढ़वा जिले में हैं. मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने रौशन जी का माला पहनाकर तथा शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया. चैनपुर थाना के पंचलेवा गांव निवासी रौशन को झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति के तहत 50 हजार रूपया का चेक देने की घोषणा की गई. यह चेक उसकी पत्नी सरिता देवी को प्रदान किया गया.

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एनुल के खिलाफ दर्ज हैं 21 मामले

इसके तुरंत बाद दस लाख के इनामी माओवादी जोनल कमांडर ऐनुल खां उर्फ गोबिंद जी ने अपनी राईफल के साथ आत्मसमर्पण किया. ऐनुल पर 21 मामले दर्ज हैं. पलामू जिले में 14, जबकि बिहार के औरंगाबाद जिले में 7 मामले दर्ज हैं. माओवादी कमांडर ऐनुल की पत्नी सरवरी खातून को एक लाख रुपये का चेक दिया गया. इसके साथ सरकार द्वारा घोषित दस लाख की ईनामी राशि का चेक भी ऐनुल की पत्नी को सौंपा गया. ऐनुल को पुष्पगुच्छ और शॉल देकर सम्मानित किया गया और समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपस्थित लोगों ने उन्हें बधाई दी.

नक्सलवाद में अंधेर ही अंधेर ही हैः राजीव अरुण एक्का

कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त राजीव अरुण एक्का ने कहा कि पलामू के जुझारू और जिंदादिल पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम का यह एक सुखद प्रयास है और इसका परिणाम आज हमारे सामने है. मैं पुलिस विभाग की टीम भावना और सकारात्मक संघर्ष को सलाम करता हूं. उन्होंने मुख्य धारा से जुड़ने वाले दो लोगों और उनके परिवारों के उज्जवल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम में पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी विपुल शुक्ला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ही सबसे बड़ी ताकत है. यहां देर हो सकती है किन्तु अंधेर नहीं है, जबकि नक्सलवाद में अंधेर ही अंधेर है. हमने दरवाजे खोल दिए हैं. भटके हुए युवकों का हम आह्वान करते हैं कि आईए समाज की मुख्यधारा में जुड़कर अपने क्षेत्र, समाज, राष्ट्र के विकास में सहयोग करें. उन्होंने बताया कि ऐनुल माओवादियों के मध्य जोन का पहला जोनल कमांडर है, जिसने सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर अपने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है. 

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