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पलामू: जातिगत बयान बनी सीएम रघुवर दास के गले की हड्डी, ब्राहमणों ने खोला मोर्चा, पार्टी कार्यकर्ता देने लगे इस्तीफा

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Daltonganj, 12 December : ब्राह्मणों पर जातिवाद और बेटी-रोटी कर वोट लेने का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा दिया गया बयान उनके गले की हड्डी बन गया है. इसके विरोध में हर दिन प्रदर्शन हो रहा है और पुतले जलाए जा रहे हैं. प्रदर्शन के साथ ही भारतीय जनता पार्टी से जुड़े ब्राहमण जाति के कार्यकर्ता अब अपने पद से इस्तीफा देने लेगे हैं. अभी तक कई कार्यकर्ताओं ने जिला इकाई को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

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सीएम के बयान के खिलाफ फूंका पुतला 

सीएम के दिये गये बयान के बाद कल देर शाम कुछ ब्राहमणों ने डाल्टनगंज के रेड़मा स्थित कामनापूर्ति मंदिर के सामने सड़क पर सीएम का पुतला फूंका. कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे भीम तिवारी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को अविलंब हटाए, अन्यथा ब्राह्मण की ताकत का अंदाजा उन्हें हो जायेगा.वहीं कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे भीम तिवारी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को अविलंब हटायें, अन्यथा ब्राह्मण की ताकत का अंदाजा उन्हें हो जायेगा. बयान निंदनीय है और इसका दुष्परिणाम भाजपा को भुगतना पड़ेगा. कई लोगों ने आरोप लगाया कि भाजपा समाज को जोड़ने के बजाए तोड़ने पर तुली हुई है.

सीएम का बयान 

सीएम ने यह दिया था बयान

बीते छह दिसम्बर को पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिले में बजट पूर्व संगोष्ठी का आयोजन किया गया था. संगोष्ठी में राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे. अपने संबोधन में सीएम ने कहा था कि पलामू प्रमंडल में ब्राहमणवाद हावी है. साथ ही उन्होंने कहा था कि जाति के नाम पर वोट बटोरने का काम किया जा रहा है. लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा और भाजपा सांप्रवाद को छोड़ अब विकासवाद पर फोकस कर रही है.

कांग्रेसी नेता के एन त्रिपाठी ने मांगा था रघुवर दास का इस्तीफा

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर के बयानबाजी के बाद इस्तीफा लिये जाने का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता के.एन त्रिपाठी ने सीएम का त्याग पत्र मांगा था. त्रिपाठी ने कहा था कि संवैधानिक पद पर बैठकर संविधान के विरूद्ध बयान देना, नैतिकता के पतन के बराबर है. इसलिए सीएम को अपना इस्तीफा दे देना चाहिए.

मुख्यमंत्री के बयान से आहत होकर भाजयुमो जिला मंत्री ऋषिकेश दुबे ने पार्टी कार्यालयों को अपना इस्तीफा भेज दिया है. ऋषिकेश दुबे ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री ही जब ब्राह्मणों के बारे में ऐसा सोचते हैं, जो निंदनीय और अशोभनीय है. साथ ही उन्होंने कहा कि ब्राह्मण सदियों से संस्कृति के रक्षक रहे हैं और ब्राह्मण को जातिवादी कहना मुख्यमंत्री की मानसिक विकृति को दर्शाता है.

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नौडीहा प्रखंड भाजयुमो महामंत्री एंव उपाध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी

सीएम रघुवर दास के बयान से क्षुब्ध नौडीहा बाजार प्रखंड के भाजयुमो महामंत्री शिवशंकर पांडेय एंव प्रखंड भाजयुमो उपाध्यक्ष अमित मिश्रा ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ दी है. इधर, युवाओं का संगठन ‘युवा पलामू’  गाँव-गांव जाकर सरकार का विरोध दर्ज करा रहा है.

जातिगत बयान से भाजपा को होगा नुकसान

ब्राहमणों को लेकर दिए गए बयान से भाजपा को भारी नुकसान हो सकता है. पलामू प्रमंडल में विधानसभा की नौ सीटें हैं. एक सीट पर खुद ब्राहमण विधायक हैं. सत्येन्द्र तिवारी गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और गढ़वा जिले में ब्राहमणों की अच्छी खासी संख्या है. इसी तरह डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक ब्राहमण हैं. या यूं कहें कि यहां सीट के डिसाइडर ब्राहमण ही होते हैं.

वहीं पांकी विधानसभा क्षेत्र में भी ब्राहमण मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. विधानसभा का चुनाव हो या लोकसभा का पलामू में कभी जातिवाद उभर कर सामने नहीं आया है. लेकिन राज्य में सर्वोच्च पद पर विराजमान होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा किसी जाति को संबोधित कर बड़ा बयान देना भाजपा के लिए नुकसान की सुगबुगाहट है.

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