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पत्नी के मर्डर केस में ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ के एंकर सुहैब इलियासी को उम्रकैद

New Delhi :  दिल्ली की एक अदालत ने 1990 के दशक के मशहूर टीवी क्राइम शो इंडियाज मोस्ट वांटेडके एंकर और प्रोड्यूसर रहे सुहैब इलयासी को अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में आज उम्रकैद की सजा सुनाई . करीब 17 साल पहले सुहैब की पत्नी अंजु की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी . अदालत ने कहा कि सुहैब ने अपनी ‘‘पत्नी की हत्या की और इसे खुदकुशी का रंग दे दिया .’’ अदालत ने सुहैब को मौत की सजा सुनाए जाने की मांग नकारते हुए कहा कि यह दुर्लभतमश्रेणी में आने वाला मामला नहीं है. हालांकि अदालत ने कहा कि दोषी को उम्रकैद की सजा देने से इंसाफ होगा.

सुहैब इलयासी ने पत्नी की  हत्या कर दिया था खुदकुशी का रुप

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस के मल्होत्रा ने कहा कि इस मामले में पाया गया कि दोषी, जो मृतका का पति था, ने उसकी हत्या की और इसे खुदकुशी का रंग दे दिया.’’ बीते 16 दिसंबर को दोषी करार दिए गए सुहैब पर न्यायाधीश ने दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया . अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अंजु के माता-पिता को मुआवजे के तौर पर 10 लाख रुपए दिए जाएं और यह पूरी रकम सुहैब को वहन करनी पड़ेगी. अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मेरी राय है कि आईपीसी की धारा 302 के तहत यदि दोषी को उम्रकैद की सजा दी जाए और दो लाख रुपए का जुर्माना अदा करने, यदि अदा नहीं करेंगे तो छह महीने के साधारण कारावास की सजा काटनी होगी, को कहा जाए तो इंसाफ होगा .’’ आदेश पारित होने के तुरंत बाद सुहैब ने चीखते हुए कहा कि वह ‘‘बेकसूर’’ हैं और उम्रकैद की सजा उनके साथ ‘‘नाइंसाफी’’ है . तिहाड़ जेल से अदालत में लाए गए सुहैब के साथ उनके भाई भी मौजूद थे .

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अदालत के  फैसले से संतुष्ट हूं : रुकमा सिंह

अंजु की मां रुकमा सिंह ने अदालत के आदेश पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि मैं फैसले से संतुष्ट हूं.’’ सजा पर बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने सुहैब के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए दलील दी कि उन्होंने ‘‘अपनी पत्नी को दर्दनाक मौत दी’’ और उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि वह नरमी के हकदार नहीं हैं . सरकारी वकील ने यह भी कहा कि सुहैब को रक्षक बनना था, लेकिन वह भक्षक बन गए और यह मामला दुर्लभतमश्रेणी में आता है. वकील ने कहा कि सुहैब ने न केवल अपनी पत्नी का, बल्कि आम जनता का भी भरोसा तोड़ा, क्योंकि वह एक टीवी सीरियल प्रोड्यूस कर रहे थे और जनता की नजर में उनकी छवि कानून का पालन करने वाले एक नागरिक की थी .

11 जनवरी 2000 को धारदार हथियार से की गई थी अंजु  की हत्या

सुहैब के वकील ने दावा किया कि यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है और उन्होंने जमानत की शर्तें तोड़े बगैर 17 साल तक मुकदमे का सामना किया और अदालत के सामने उनका बर्ताव अच्छा था. इससे पहले, सुहैब को सिर्फ आईपीसी की धारा 304-बी (दहेज हत्या) सहित कुछ अन्य हल्की धाराओं के तहत आरोपित किया गया था. बहरहाल, अंजु की मां रुकमा सिंह और बहन रश्मि सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसने अगस्त 2014 में आदेश दिया कि सुहैब पर आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा चलाया जाए. अंजु को 11 जनवरी 2000 को धारदार हथियार से हुए जख्म के साथ अस्पताल ले जाया गया था . उन पर पूर्वी दिल्ली स्थित उनके घर में हमला किया गया था . मशहूर टीवी क्राइम शो इंडियाज मोस्ट वॉंटेडसे सुर्खियों में आए सुहैब की साली और सास ने जब उन पर दहेज के लिए अंजु को यातना देने का आरोप लगाया तो 28 मार्च 2000 को उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में आरोप तय किए गए.

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