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नीतीश की विकास समीक्षा यात्रा ‘झांसा यात्रा’ है : तेजस्वी

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New Delhi : बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास समीक्षा यात्रा को ‘झांसा यात्रा’ बताया. आारोप लगाया कि वे विकास की समीक्षा पर नहीं बल्कि प्रदेश की पिछली महागठबंधन सरकार से नाता तोडने के कारण गिरे अपने जनाधार की समीक्षा के लिए इस यात्रा पर निकले हैं. अपने सरकारी आवास पर आज पत्रकारों को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने नीतीश की विकास समीक्षा यात्रा को ‘झांसा यात्रा’ बताते हुए आरोप लगाया कि वे विकास की समीक्षा पर नहीं बल्कि अपने जनाधार की समीक्षा के लिए इस यात्रा पर निकले हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के दौरान नई योजना और कार्य का शिलान्यास करने के बजाए यह स्पष्ट करना चाहिए कि 2009 और उसके पूर्व की उनकी विभिन्न यात्राओं के दौरान जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया था क्या वे पूरी हो गयी हैं या नहीं.

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तेजस्वी ने कहा कि प्रदेश के सृजन सहित कई अन्य घोटालों के उजागर होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी को अपने साथ यात्रा में ले जाना चाहिए था और संबंधित जिलों में कोषागार में मौजूद राशि की जांच करनी चाहिए. उन्होंने नीतीश पर अपनी छवि चमकाने के लिए सरकारी धन खर्च कर यात्राओं पर निकलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि उनकी इस विकास समीक्षा यात्रा पर कितना सरकारी धन खर्च हुआ. तेजस्वी ने कहा कि अपने को विकास पुरुष के तौर पर पेश करने वाले नीतीश जी के कार्यकाल के दौरान अगर विकास हुआ है तो वे पूर्व की भांति प्रत्येक वर्ष जारी किये जाने वाले अपने रिपोर्ट कार्ड को अबतक क्यों जारी नहीं कर रहे हैं. प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि वे चुनौती के साथ कहते हैं कि जितना विकास उन्होंने 18 महीने में :प्रदेश की पिछली महागठबंधन सरकार के कार्यकाल: किया उतना वे बाकी 3 साल में भी नहीं कर सकते.

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उल्लेखनीय है कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद के रेलमंत्रित्व काल में रेलवे में हुए टेंडर घोटाला मामले में सीबीआई के प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के तेजस्वी से जनता के बीच स्पष्टीकरण दिए जाने की मांग करती रही है. राजद द्वारा इस मांग को ठुकरा दिए जाने पर गत जुलाई महीने में नीतीश ने प्रदेश की पिछली महागठबंधन सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस ने नाता तोडकर भाजपा के साथ मिलकर प्रदेश में राजग की सरकार बनायी थी.

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