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निर्माण के नाम पर चालू सड़कों की बदहाली बरदास्‍त नहीं: मुख्‍यमंत्री

राँची: मुख्यमंत्री अर्जुन मुण्डा ने सूबे के सभी उपायुक्तों को निदेशित किया है कि उनके क्षेत्राधीन संचालित राष्ट्रीय उच्च पथ एवं राज्य उच्च पथ की चालू पथ परियोजनाओं के संबंध में बेहतर अंर्तविभागीय समन्वय स्थापित करें ताकि कार्यों को द्रुत गति से कार्यान्वित करने में सहुलियत हो। उन्होंने कहा कि कई पथों के निर्माण कार्य मे बिलम्ब का मुख्य कारण पानी की पाईपलाईन, चापाकल, बिजली के खम्भे एवं तारों को समय पर नहीं हटाया जाना है। इन पथों पर अतिक्रमण हटाना भी जरूरी है।

उन्होंने प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग को निदेशित किया कि सूबे में संचालित पथ निर्माण की प्रमुख परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रोजेक्ट ऑफिसर नियुक्त करें जिनकी मुख्य जवाबदेही रहेगी कि दूसरे विभागों के लंबित कार्यों के कारण परियोजना की गति धीमी नहीं हो एवं बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री अर्जुन मुण्डा ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में संबंधित वरीय पदाधिकारियों के साथ समन्वयन कार्य की समीक्षा की एवं आवश्‍यक निदेश दिए। मुख्यमंत्री अर्जुन मुण्डा ने आज रातू-पतरातू पथ का स्थल निरीक्षण भी किया।

रातू-पतरातू पथ के स्थल निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 22दिनों के भीतर काँके रोड में नाली एलाईनमेंट एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिष्चित होनी चाहिए । काँके रोड में हो रही परिवहन असुविधा को रेखांकित करते हुए उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निदेषित किया कि निर्माण कार्यों में बिलम्ब होने से आम लोगों को परेषानी हो रही है अतएव तीन षिफ्टों में कार्य करा कर अगले 18दिनों में बिजली के खम्भों को रिप्लेस करवाएं तथा भूमिगत दूर संचार के केबूलों की भी षिफ्टिंग कराएं उन्होंने इसके लिए भारतीय संचार निगम लिमिटेड के वरीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय करने का निदेष दिया। उन्होंने सड़क के आस-पास फैले रौमैटेरियल को भी यथोचित स्थान पर षिफ्ट करने का आदेष दिया। उन्होंने कहा कि कार्य गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बरदाष्त नहीं किया जाएगा। सड़क निर्माण के साथ-साथ यात्री सुविधाओं का ध्यान भी रखा जाना जरूरी है। इसके अलावे सौंदर्यीकरण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। स्थल निरीक्षण के क्रम में ही उन्होंने उपायुक्त, राँची एवं जमषेदपुर को दूरभाष पर निदेष दिया कि उनके क्षेत्राधीन राष्ट्रीय उच्च पथों के निर्माण कार्यों के संबंध में इस प्रकार की होनी वाली कठिनाईयों से अवगत हो कर उनके शीघ्र निदान सुनिष्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एन0एच033 में कांटा टोली चैक से जुमार नदी पुल तक पानी निकास चैनल अगले 20दिनों में बन जाना चाहिए एवं इसी अवधि में झारखण्ड राज्य विद्युत बोर्ड के स्तर से भी बिजली के खम्भों इत्यादि से संबंधित कार्य पूरे कर लिए जाने चाहिए। हाता-चाईबासा पथ के लिए भी उन्होंने विद्युत व पेयजल विभाग से संबंधित कार्यों को सम्पादित करने के लिए 30दिन की अवधि निर्धारित कर दी है। उन्होंने चाईबासा-चक्रधपुर पथ के मामले में उन्होंने इन कार्यों के लिए 15दिन का समय निर्धारित किया है एवं कान्ड्रा-आदित्यपुर पथ में अगले 15 अप्रैल तक झारखण्ड राज्य विद्युत बोर्ड को 60 बिजली के खम्भों को षिफ्ट करने का निदेष देते हुए शेष कार्यों को दो माह के भीतर पूरा किए जाने का आदेष दिया। इसी प्रकार उन्होंने एन0एच098 (डालटंगज उच्च पथ) में भी अगले एक माह में पेयजल एवं विद्युत से संबंधित षिफ्टिंग किए जाने का निदेष दिया। हजारीबाग-बड़कागाँव-टंडवा पथ एवं हजारीबाग-जतरा पथ के लिए भी षिफ्टिंग के लिए भी एक माह का समय निर्धारित किया गया है।

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मुख्यमंत्री ने आज स्थानीय काँके रोड में सी0एम0पी0डी0आई0 गेट के पास, गाँधीनगर-चाँदनी चैक एवं करीमगंज में रातू-पतरातू पथ के निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, श्री सुधीर प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, डाॅ0 डी0के0 तिवारी, प्रधान सचिव, पथ निर्माण, श्री एन0एन0सिन्हा, मुख्य अभियंता पथ निर्माण विभाग, मुख्य अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, तथा झारखण्ड राज्य विद्युत बोर्ड के सदस्य (वितरण) भी साथ थे।

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