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निगरानी की शक्ति बढ़ाने के प्रस्‍ताव को मिला अंतिम रूप

रांची : भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए मुख्‍य सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन बृहस्‍पतिवार को किया गया। इसमें बीते दिनों मंत्रिपरिषद द्वारा भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों को जल्‍द निपटाने के लिए विशेष न्यायालय के गठन के अलावा अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति की जब्ती के संबंध में लिए गए निर्णय पर त्वरित कार्रवाई के लिए निगरानी ब्यूरो के कार्यकलाप और इसकी शक्तियों को बढ़ाने के प्रस्‍ताव को अंतिम रूप दिया गया।

राज्य निगरानी ब्यूरो अब नए नाम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो) के नाम से जाना जायेगा। यह निगरानी आयुक्त के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में एक विशेष इकाई के रूप में कार्यरत होगा। इसमें पदाधिकारी और कर्मी पदस्थापित तथा प्रतिनियुक्त किये जायेंगे। नए ब्यूरो में तकनीकी परीक्षण कोषांग भी रहेगा, जिसमें चार्टर्ड एकाउंटेंट, लेखा परीक्षकों और अन्य विशेषज्ञ विभागीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी ताकि जांच निर्बाधित रूप से की जा सके।

नए गठित होने वाले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को हर मामले के अनुसंधान के क्रम में प्रत्येक चरण में सरकार की अनुमति से छूट दी गयी है। बल्कि ऐसी व्यवस्था रहेगी कि वे सूचना के आधार पर तुरंत जांच शुरू कर सकेंगे और मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया भी सरल होगी। ब्यूरो भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों को ट्रैप करने और आय से अधिक सम्पत्ति के मामलों में गोपनीय ढंग से सूचना संग्रहण करने के लिए स्वतंत्र होगा।

नए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अब कुल छह स्वतंत्र और प्रभावी अभियोजन इकाईयां होंगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रमंडलवार पुलिस अधीक्षक स्तर के पदाधिकारी के नेतृत्व में ब्यूरो की एक इकाई काम करेगी। इसके अलावा धनबाद में भी एक निगरानी कोषांग शुरू करने का निर्णय लिया गया, जो कोयला प्रक्षेत्र के जिलों (धनबाद एवं बोकारो) में कोयला में व्याप्त भ्रष्टाचार पर काम करेगा। ब्यूरो के इन कोषांगों में पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक स्तर के पदाधिकारी प्रतिनियुक्त रहेंगे। इनकी प्रतिनियुक्ति या पदस्थापना एक उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा पर की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभाग में एक मुख्य सतर्कता पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जायेगी, जो उस विभाग से संबंधित मामलों में नव गठित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को अनुसंधान एवं निष्पादन में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे। इन मुख्य सतर्कता पदाधिकारियों की नियुक्ति पारदर्शी तरीके से निगरानी आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।

बृहस्‍पतिवार को आयोजित उच्‍च स्‍तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, प्रधान सचिव, वित्त विभाग, प्रधान सचिव, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक, निगरानी ब्यूरो भी उपस्थित थे।

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