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नये साल के स्वागत में राजधानी के पिकनिक स्पॉट तैयार, पार्क्स, फॉल्स को सैलानियों का इंतजार

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Manish Jha, Ranchi : हर व्यक्ति नए साल को लेकर उत्सुक रहता है और उसे मनाने के लिए अपने तरीके से तैयारी करता है. किसी को नए साल पर आतिशबाजी का शौक होता है तो कोई पार्टी और खाने पीने का शौक रखता है वही किसी को दुसरो या अपने परिवार के लोगो के साथ खुशियां बांटना अच्छा लगता है. नये साल को धूम-धाम से मनाने की परम्परा पुराने समय से ही चलती आ रही है. इसी को लेकर नये साल के स्वागत के लिए सभी पिकनिक स्पॉट तैयार हो चुके हैं. शहर के विभिन्न पार्क और पिकनिस स्थल पर भीड़ अभी से ही जुटने लगी है. 

मस्ती के साथ सावधानी भी बरतने की जरुरत

शहर हर कोने में प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वादियों में जाकर लोग सपरिवार नए साल का स्वागत करने को तैयार है. लेकिन ये स्थल खतरे से भी खाली नहीं हैं. कई जलप्रपातों में हुई घटनाओं से सीख लेने की जरुरत है. सैलानियों को कई तरह की सावधानियां बरतने की जरुरत हैं. थोड़ी सी सावधानी बरत कर आप नए साल की मस्ती में और भी कई रंग भर सकते हैं. वहीं रांची जिले मे स्थित हुंडरू, दशम, रानी, पंचघाघ, हिरणी  जल प्रपात घूमने के लिए 20 हजार से अधिक पर्यटक पहुंते हैं और आनंद लेते हैं.

मछलीघर में होगा एमिटी कार्निवल 2018 का आयोजन

एक्वा वर्ल्ड (मछलीघर) में नववर्ष के अवसर पर लगने वाले 10 दिन के उमंग और उत्साह के मेले ”एमिटी कार्निवल 2018′ का आयोजन  24 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक होगा. कार्निवल में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों का आयोजन सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगा. वहीं हर उम्र के लोगों के लिए मस्ती का पूरा इंतजाम रहेगा. जहां युवा फैशन शो और डांस प्रतियोगिताओं का आनंद उठाएंगे, वहीं बच्चों के लिए चिप्स ,आइसक्रीम, समोसा, आदि खाने की प्रतियोगिताएं होंगी. महिलाओं के लिए बेस्ट साड़ी, बेस्ट नेकलेस, बेस्ट ब्रेसलेट आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा. कार्निवल में 29 दिसंबर को विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए रांची की लड़कियों के बीच ‘फेस ऑफ द ईयर’ का  चयन होगा . इसके अतिरिक्त मैजिक शो, लाइव बैंड, ऑर्केस्ट्रा, आदि भी का भी आयोजन होगा. 

रॉक गार्डेन का दृश्य है मनमोहक

रॉक गार्डेन रांची की सुंदरता में चार चांद लगाता है. ऊंचाई पर स्थित इस गार्डन की सुंदरता आम दिनों में भी लोगों को अपनी ओर खिंचता रहता है.
 इसे देखकर जयपुर के रॉक गार्डन का नजारा आंखों के सामने आ जाता है. यहां कई काल्पनिक मूर्तियां इसकी शोभा बढ़ाती हैं. गार्डन कांके डैम के ठीक बगल में है. इससे वहां का दृश्य मनोरम लगता है. इसकी दूरी अलबर्ट एक्का चौक से 5 किमी है.

स्वर्णरेखा नदी पर बनाये गये पुल की वजह से बढ़ी खुबसूरती

हुंडरू फॉल भी नये साल में लोगों को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाला. इसकी दूरी रांची से 44 किमी है. रांची- पुरुलिया मार्ग पर अनगड़ा से 22 किमी की दूरी तय कर फॉल पहुंचा जा सकता है. स्कूल मोड़ जोन्हा से भी 20 किमी की यात्रा तय फॉल पहुंचा जा सकता है. पथ निर्माण विभाग ने फॉल तक जाने के लिए सीढ़ियों का निर्माण कराया गया है. गहरे पानी के खतरे से आगाह करने के लिए जगह- जगह पर बोर्ड लगाए गए हैं. वहीं स्वर्णरेखा नदी पर बनाए गए पुल की वजह से फॉल की खूबसूरती और बढ़ गई है.

दशम फॉल भी है खास

रांची-जमशेदपुर मुख्य मार्ग पर तैमारा गांव के समीप दशम फॉल स्थित है. रांची से इसकी दूरी 40 किमी है. यहां पहुंचने के लिए रांची- टाटा रोड से करीब पांच किलोमीटर अंदर जाना पड़ता है. बेहतर होगा कि निजी वाहन से ही जाएं, क्योंकि यहां जाने के लिए मेन रोड से ऑटो आदि की सुविधा हमेशा उपलब्ध नहीं रहती है. फॉल का नजारा हर साल काफी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. हरे-भरे जंगलों के बीच बहता यह जलप्रपात जितना सुंदर है उतना ही खतरनाक भी है. यहां जाने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरुरत है. ताकि नये साल की खुशियां बर्बाद ना हो.

पंचघाघ में दिखाई देती हैं पांच धाराएं

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रांची से पंचघाघ की दूरी 47 किमी है. यह खूंटी-चाईबासा रोड पर स्थित है. यहां पांच धाराएं स्पष्ट दिखाई देती हैं. पूरा साल सैलानियों का आना- जाना लगा रहता है. दिसंबर व जनवरी में यहां उनकी भीड़ बढ़ जाती है. पांच जलप्रपातों को अपने सीने में समेटे पंचघाघ जलप्रपात खूंटी जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर है.

जोन्हा फॉल में 80 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी

जोन्हा फॉल की दूरी रांची से 45 किमी है. यह सिल्ली जाने वाले रास्ते पर स्थित है. इस फॉल में 80 फीट की ऊंचाई से पानी गिरता है. पहाड़ों के बीच में बसे इस जलप्रपात की खूबसूरती मन को मोह लेने वाली है. यहां पहुंचने के लिए सिल्ली जाने वाली बस से या निजी वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकता है. सिल्ली जाने वाले मुख्य सड़क से फॉल की दूरी करीब 8 किलोमीटर है.

हिरणी फॉल की सुंदरता देखने लायक

हिरणी फॉल की सुंदरता देखने लायक है. 120 फीट की ऊंचाई से गिरते इस जलप्रपात की सुंदरता अनुपम है.  यह फॉल रांची से 70 किमी की दूरी पर है. रांची से चाईबासा को जानेवाली बस या फिर निजी वाहनों से यहां पहुंच सकते हैं.

बिरसा मृग विहार में हिरण आकर्षण के केंद्र

बिरसा मृग विहार की दूरी रांची से 25 किमी है. यह रांची-खूंटी मुख्य मार्ग पर स्थित है. यहां 350 से भी ज्यादा हिरण हैं. सांभर , चीतल, बारहसिंगा प्रमुख आकर्षण का केंद्र हैं. कांची नदी और चारों ओर पहाड़ जंगल के बीच यह स्थित है.  बच्चों के लिए मृगविहार के बाहर चाइल्ड पार्क की भी व्यवस्था है. जहां पर बच्चे घंटों समय बिता सकते हैं.

झारखंड का सबसे बड़ा जैविक उद्यान है बिरसा जैविक उद्यान

बिरसा जैविक उद्यान की दूरी रांची से 24 किमी है.  इसे झारखंड का सबसे बड़े जैविक उद्यान का दर्जा प्राप्त है. इसकी स्थापना 1994 में हुई थी. कुल 104 हेक्टेयर में फैला हुआ उद्यान दो भागों में बंटा हुआ है. यहां लोगों को लुभाने के लिए बोटिंग की सुविधा भी है.

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