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नमो एप के जरिये 50 लाख से ज्यादा यूजर्स का डाटा हुआ चोरी, अल्ट न्यूज का दावा, राहुल गांधी ने कसा तंज

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Newswing Desk: डाटा चोरी विवाद, फेसबुक और कैम्ब्रिज एनालिटिका से एक कदम आगे बढ़कर नरेंद्र मोदी एप तक पहुंच चुका है. और इसपर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने है. ज्ञात हो कि फ्रेंच रिसर्चर ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी एप यूजर्स की जानकारी, बगैर यूजर्स की जानकारी के  in.wzrkt.com नाम के वेबसाइट को जा रही है, जो की अमेरिकी कंपनी है. इस दावे के बाद सियासी बयानों के तीर तेज हो गये है. इधर अल्ट न्यूज ने इस दावे की सत्यता की जांच की और अल्ट न्यूज का दावा है कि यूजर्स की जानकारी लीक की जा रही है.

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अल्ट न्यूज का दावा

अल्ट न्यूज

नमो एप को लेकर फ्रांसीसी रिसर्चर के दावे की अल्ट न्यूज ने सत्यता जानने की कोशिश की. अल्ट न्यूज का कहना है कि रिसर्चर का दावा सही है, और नरेंद्र मोदी एप यूजर की जानकारी बगैर उनकी जानकारी के तीसरे पक्ष को भेजी जा रही है. इसे लेकर अल्ट न्यूज ने एक सॉफ्टवेयर चार्ल्स का इस्तेमाल किया. जिसके जरिए पाया गया कि जैसे ही की यूजर एप पर लॉगइन करता है, उसकी जानकारी (नाम, लिंग, ईमेल आईडी) in.wzrkt.com नामक वेबसाइट को जाती है, जो क्लेवर टैप नामक अमेरिकी कंपनी की है. बड़ी बात ये है कि इस विवाद से पहले नमो एप के प्राइवेसी पॉलिसी में पहले ये बात शामिल थी कि कुछ जानकारी तीसरे पक्ष को भेजी जा सकती हैं. हालांकि एप पर मचे विवाद के एक दिन पहले 23 मार्च को प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया गया. जिसमें साफतौर पर लिखा गया कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रहेगी और आपकी सहमति के बिना आपकी जानकारी किसी भी तरीके से तीसरे पक्ष को प्रदान नहीं की जाएगी.

ट्विटर पर छिड़ा युद्ध

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सोशल साइट से डाटा चोरी और उसके गलत इस्तेमाल को लेकर सोशल साइट्स पर सियासी युद्ध छिड़ गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है. पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘हाय, मेरा नाम नरेंद्र मोदी है. मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं. जब आप मेरे आधिकारिक एप (नमो) को साइन करते हैं तो मैं आपसे जुड़ी सभी जानकारी अपने दोस्तों (अमेरिकी कंपनी) को दे देता हूं.

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी

राहुल गांधी के ट्वीट के बाद बीजेपी ने एक के बाद एक 9 ट्वीट करके कांग्रेस पर पलटवार किया है. बीजेपी ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस इस एप की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है, इसलिए वह इसके खिलाफ अभियान चला रही है. बीजेपी ने कहा, इस तरह के आरोप लगाकर राहुल गांधी और कांग्रेस लोगों का ध्यान कैंब्रिज एनालिटिका डाटा चोरी मामले से भटकाना चाहते हैं. भाजपा ने कहा कि राहुल के झूठ के विपरीत तथ्य यह है कि जानकारी का उपयोग थर्ड पाटी सर्विसका उपयोग करते हुए सिर्फ विश्लेषण में किया गया, ठीक उसी तरह जैसे कि गूगल एनालिटिक्स करता है. उपयोगकर्ता के बारे में जानकारी का विश्लेषण उपयोगकर्ता को सर्वाधिक प्रासंगिक विषय वस्तु की पेशकश करने में किया जाता है.

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नमो एपअभी हाल में तब चर्चा में आया जब एनसीसी के करीब 13 लाख कैडेट्स को प्रधानमंत्री से संवाद से पहले इसे डाउनलोड करने को कहा गया. गौरतलब है कि शुक्रवार को #DeleteNamoApp कैंपेन भी चलाया गया जो ट्विटर पर टॉप ट्रेंड में शामिल था.

नमो एप मांगता है 22 जानकारी

नमो

बिना यूजर्स की जानकारी के उसकी गोपनीय सूचनाओं को तीसरी पार्टी के साथ शेयर करने का आरोप झेल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नमो एप आपकी 22 सूचनाएं आपसे लेता है. अगर आप कांग्रेस के एप को डाउनलोड करने हैं तो आपको 10 जानकारियां देनी पड़ेगी. वहीं समाजवादी पार्टी के एप को आप मात्र 3 सूचनाएं देकर डाउनलोड कर सकते हैं. इंडियन एक्सप्रेस के एक विश्लेषण में पता चला है कि नमो एप आपसे जिन 22 जानकारियों को मांगता है. उसमें लोकेशन, फोटोग्राफ, संपर्क सूत्र, फोन और कैमरा से जुड़ी सूचनाएं शामिल है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएमओ इंडिया एप को यूजर्स का मात्र 14 डाटा प्वाइंट चाहिए. जबकि इलेक्ट्रानिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय द्वारा नागरिकों के साथ संवाद के लिए डेवलप किया गया एप मात्र 9 जानकारियां शेयर करने के लिए आपको कहता है. अगर हम दूसरे कमर्शियल एप्स के साथ नमो एप की तुलना करें तो पाएंगे कि एमेजॉन एप को 17 जानकारियां चाहिए, पेटीएम आपसे 26 तरह की सूचनाएं लेता है जबकि दिल्ली पुलिस के एप को 25 प्वाइंट सूचनाएं चाहिए. हालांकि इन एप द्वारा दी जाने वाली सेवाएं बड़े रेंज में होती हैं.

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