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नक्सली बंद  का चतरा में दिखा व्यापक असर, थमे रहे पहिये, करोड़ों का नुकसान

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Chatra : गिरिडीह मे नक्सलियों के विरुद्ध लगातार हो रही पुलिसिया कार्रवाई व माओवादियों की गिरफ्तारी के विरोध में बुलाये गए एक दिवसीय नक्सली बंद का चतरा में व्यापक असर देखा गया. नक्सली बंदी की घोषणा के बाद एक ओर जहाँ यात्री वाहनों के पहिये थम गए, वहीं दूसरी ओर कोयलांचल से कोयले की ढुलाई भी पूरी तरह ठप रही. चतरा से रांची, हजारीबाग, गढ़वा, पलामू, लातेहार, गया, सासाराम व बनारस  लिए खुलने वाले यात्री वाहन बस पड़ाव पर ही खड़े रहे, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ गईं, वहीं बस पड़ाव पर भी दिन भर सन्नाटा पसरा रहा. नक्सली बंद के दौरान सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही. चतरा से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे 99 एवं 100 पर भी वीरानी छाई रही.  हालांकि चतरा पुलिस नक्सलियों के किसी भी खतरनाक मंसूबों से निबटने के लिए जिले की सभी संवेदनशील सड़कों व इलाकों में चप्पे-चप्पे पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी थी. 

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थमे पहिये

सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कर रखी थी मुकम्मल तैयारी

जंगली व घाटी क्षेत्रों में बख्तरबंद वाहनों से लगातार गश्त की जा रही थी.  अपर पुलिस अधीक्षक निगम प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पीताम्बर सिंह खैरवार व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ज्ञानरंजन संवेदनशील मुख्यमार्गों पर नजर बनाए रखी.  एएसपी ने कहा कि माओवादियों द्वारा बंद की घोषणा करना कायरता की पहचान है. ये खुद को जनता का रक्षक बताकर उन्हें ही परेशान करने में जुटे हैं. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले नक्सलियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. नक्सली बंदी से चतरा में करोड़ों का व्यवसाय प्रभावित हुआ. जबकि कोयले का उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा.

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