न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

नंबर वन बनने से अधिक महत्वपूर्ण है राष्ट्रमंडल खेलों का पदक : श्रीकांत

46

New Delhi :  किदाम्बी श्रीकांत का चार साल पहले मस्तिष्क ज्वर के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण अच्छा नहीं रहा था लेकिन अब जबकि वह अच्छी फार्म में चल रहे हैं तब इस बैडमिंटन खिलाड़ी की निगाह गोल्ड कोस्ट में अगले महीने होने वाले खेलों में पदक जीतने पर लगी हुई हैं.

eidbanner

एक सप्ताह तक आईसीयू में थे श्रीकांत

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से कुछ सप्ताह पहले श्रीकांत बीमार पड़ गये थे. उन्हें गोपीचंद अकादमी में बाथरूम के फर्श पर बेहोश पाया गया था. बाद में पता चला कि उन्हें मस्तिष्क ज्वर है. उन्हें एक सप्ताह तक आईसीयू में रहना पड़ा था. लेकिन वह अब बीती बात है और अब श्रीकांत देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं. उनके नाम पर चार खिताब हैं और उन्होंने पदमश्री सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी हासिल किये. उन्हें अब गोल्ड कोस्ट में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: राष्ट्रमंडल खेल : सरकारी खर्च पर सैर-सपाटा नहीं कर सकेंगे अधिकारी और खिलाड़ियों के परिजन

राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना मेरी प्राथमिकता

श्रीकांत ने 2014 की घटना को याद करते हुए कहा कि वह किसी वाइरस की वजह से हुआ था जिसका मुझे नाम भी याद नहीं. कोई भी मुझे दिन की घटना के बारे में नहीं बताना चाहता और मुझे भी कुछ याद नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं अच्छा खेल रहा था इसलिए मैंने वापसी की और राष्ट्रमंडल खेलों में खेला लेकिन क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के खिलाड़ी से हार गया. श्रीकांत ने कहा कि अब चार साल बाद मुझे लगता है कि पिछले एक साल में मैंने जो अनुभव हासिल किया उससे मैं आत्मविश्वास से भरा हूं इसलिए यह अलग तरह का अनुभव होगा. निश्चित तौर पर राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना मेरी प्राथमिकता है.

Related Posts

पूर्व सीजेआई आरएम लोढा हुए साइबर ठगी के शिकार, एक लाख रुपए गंवाये

साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

इसे भी पढ़ें:  रांची: राज्यसभा चुनाव के लिए खत्म हुई वोटिंग, साहेबगंज विधायक अनंत ओझा ने डाला आखिरी वोट

अधिक पदक जीतने की अच्छी संभावना

उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल मेरी प्राथमिकता है. विश्व का नंबर एक खिलाड़ी बनने से अधिक महत्वपूर्ण पदक जीतना है. यह मेरा इस वर्ष का एक लक्ष्य है. पारूपल्ली कश्यप ने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर भारत को 32 साल बाद पुरूष एकल में खिताब दिलाया था. अब श्रीकांत पर देश के करोड़ों लोगों की उम्मीदें टिकी रहेंगी. कश्यप से पहले केवल प्रकाश पादुकोण (1978) और सैयद मोदी (1982) ही इन खेलों में बैडमिंटन पुरूष एकल का स्वर्ण जीत पाये थे. श्रीकांत ने कहा कि पिछली बार हमने अच्छी संख्या में पदक जीते थे और अब हम चार साल पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और हमारी अधिक पदक जीतने की अच्छी संभावना है.

 न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: