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दो महीने बाद कोमा से बाहर आया, दर्ज करायी प्राथमिकी, आरोपी गिरफ्तार

रांची : हत्या के प्रयास के भुक्तभोगी सुरेश बड़ाइक की दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। प्राथमिकी खूं​टी जिले में दर्ज करायी गयी थी लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी राजधानी के पंडरा क्षेत्र से हुई है।

यहां बताते चलें कि कुछ महीने पूर्व भुक्तभोगी सुरेश खूंटी के जंगल में पुलिस को घायल अवस्था में अचेत मिला ​था जिसके बाद इलाज के लिए उसे रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया था। दोे महीने तक चले इलाज के बाद सुरेश कोमा से बाहर आया और उसने तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी।

इधर, पुलिस के अनुसार ​हत्या के प्रयास की इस घटना को मनोज साव, सचिन और मीना ने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। तीनों ने ऑटो रिक्शा चालक सुरेश बड़ाइक को लड़की से मिलवाने का प्रस्ताव दिया और उसे उसके ही आॅटो में खूंटी की तरफ जंगल में ले गये। इस योजना में मीना को मोहरा की तरह इस्तेमाल किया गया। उसी से सुरेश की मुलाकात करवानी थी और हुआ भी ऐसा ही।

मीना को अपने साथ लेकर सुरेश जब जंगल की ओर चला गया तो मनोज और सचिन ने उसका पीछा करते हुए लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया। घायल हो कर सुरेश वहीं गिर गया। उसे मृत समझ कर तीनों उसका आॅटो लूट कर भाग गये थे। जंगल में छानबीन के दौरान खूंटी पुलिस को सुरेश बड़ाइक अचेत अवस्था में मिला था। प्राथमिक इलाज के बाद उसे रिम्स में भर्ती कराया गया था।

पुलिस की गहरी तहकीकात के बीच लूटी हुई मोबाइल से अपराधियों का लोकेशन मिल रहा था। इसी के आधार पर तीन दिनों से पुलिस उनका पीछा कर रही थी। जिसके बाद खूंटी डीएसपी अजीत सिन्हा, इंस्पेक्टर शाहदेव प्रसाद ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह का मुखिया मनोज साव बताया जा रहा है जिसने इसी तरह एक अन्य आॅटो चालक पिंटू प्रसाद की जंगल में हत्या कर दी थी।

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