न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

देश के 20 शहर अगले साल तक होंगे कचरा मुक्त, योजना में पटना व गया भी शामिल

6

News Wing

mi banner add

New Delhi, 04 December: केन्द्र सरकार ने शहरों को कचरे की तेजी से बढ़ती समस्या से मुक्त कराने के लिये कचरा निस्तारण की चरणबद्ध मुहिम शुरू की है. इसके पहले चरण में दिल्ली सहित 20 प्रमुख शहरों को साल 2018 से पहले कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है.

12 दिसंबर को स्थानीय संगठनों को हरी झंडी दिखायेंगे हर्षवर्धन

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के ‘‘स्वच्छ भारत अभियान’’ के तहत शोध संस्थान विज्ञान एवं पर्यावरण केन्द्र (सीएसई) ने शहरों में कचरे का स्रोत के स्थान पर ही निस्तारण किये जाने की कार्ययोजना पेश की है. केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हर्षवर्धन 12 दिसंबर को स्थानीय संगठनों की मदद से चलाये जाने वाले इस अभियान को हरी झंडी दिखायेंगे.

देशव्यापी अभियान की हुई है शुरुआत

Related Posts

पूर्व सीजेआई आरएम लोढा हुए साइबर ठगी के शिकार, एक लाख रुपए गंवाये

साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

सीएसई की परियोजना अधिकारी वृंदा नागर ने बताया कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने इस साल पांच जून को शहरी कचरे को उसके स्रोत के स्थान पर ही अलग अलग करने का देशव्यापी अभियान शुरू किया था. इसके तहत सीएसई ने 20 महानगरों में अलग अलग किये गये विभिन्न श्रेणी के कचरे का निस्तारण करने का अभियान स्थानीय निकायों के साथ मिलकर चलाने की पहल की है. इसमें स्थानीय नागरिक संगठनों को शामिल कर अलग अलग किये गये ठोस कचरे को निस्तारण केन्द्रों तक ले जाने में जरूरी मूलभूत संसाधन मुहैया कराये जायेंगे. मुहिम के तहत आवासीय क्षेत्रों में कचरा अलग करने के नियम और प्रक्रिया का पालन कराने की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों को सौंपी गयी है, नियम और प्रक्रिया तय करने से लेकर ठोस कचरे को स्थानीय निकायों द्वारा संचालित निस्तारण केन्द्रों तक पहुंचाने में सीएसई तकनीकी विशेषज्ञता मुहैया करायेगी.

शहरों में सालाना निकलता है 6.2 करोड़ टन ठोस कचरा

उन्होंने बताया कि यह अभियान दिल्ली के अलावा पटना, गया, पूना, इंदौर, गंगटोक और वाराणसी सहित 20 शहरों में एक साथ शुरू होगा. अभियान में शामिल सभी संबद्ध एजेंसियों का समूह गठित कर सभी की अलग अलग जिम्मेदारी तय कर इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिये केन्द्रीय स्तर पर निगरानी तंत्र की सहायता ली जायेगी. जिससे साल 2018 से पहले इन शहरों में कचरे को स्रोत से ही अलग अलग कर इसका शत प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत के शहरों में सालाना 6.2 करोड़ टन ठोस कचरा निकलता है. देश में प्रति व्यक्ति उत्पन्न होने वाले कचरे की मात्रा में प्रतिवर्ष 1.3 प्रतिशत की वृद्धि दर को देखते हुये देश में कचरे की समस्या गंभीर हो गयी है. नागर ने बताया कि समस्या का एकमात्र समाधान कचरे को अलग अलग कर इसका निस्तारण करना ही है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: