न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

देवकमल हॉस्पिटल के जिम्मे है रांची नगर निगम अस्पताल, लेकिन तीन सालों में देवकमल ने नहीं किया एग्रीमेंट की शर्तों को पूरा

40

Ranchi : रांची के रातू रोड चौराहा के पास स्थित नगर निगम हॉस्पिटल शहर के एक प्रतिष्ठित अस्‍पताल देवकमल हॉस्पिटल के जिम्‍मे है. देवकमल हॉस्पिटल से करार के बाद नगर निगम के इस अस्‍पताल का कायाकल्‍प हुआ, साथ ही बुनियादी चिकित्‍सा सुविधायें भी मुहैया हो गई. डॉक्‍टर, नर्स और दूसरे कर्मचारी भी यहां तीन साल से आ रहे हैं. बावजूद इसके नगर निगम के इस अस्‍पताल का जो मकसद है वह पूरा नहीं होता दिख रहा है.

देवकमल अस्‍पताल में न डॉक्‍टर हैं और न सुविधायें

इस अस्‍पताल के लिए देवकमल हॉस्पिटल रांची नगर निगम के साथ हुए करार के कई शर्तों को पूरा नहीं कर सका है. झारखंड नागरिक प्रयास संस्‍था ने इस अस्‍तपाल का ऑडिट किया है. ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर निगम के अस्‍पताल के संचालन के लिए रांची नगर निगम के साथ देवकमल हॉस्पिटल ने 15 सालों के लिए करार किया है. 24 फरवरी 2014 को हुए इस एग्रीमेंट के मुताबिक आज तक देवकमल हॉस्पिटल नगर निगम के अस्‍पताल के संचालन के लिए कई शर्तों को पूरा नहीं कर पाया है. एग्रीमेंट में आईपीडी के लिए बीपीएल मरीजों के लिए कोई प्रावधान नहीं है और सीजीएचएस रेट की भी कोई व्‍यवस्‍था नहीं है. हॉस्पिटल में Ophthalmic, ICU, DOT Centre, X-Ray, Scan आदि की अब तक व्‍यवस्‍था नहीं की गई है, जो कि एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार जरूरी है.

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड का सच-07ः ढ़ाई साल में भी सीआइडी नहीं कर सकी चार मृतकों की पहचान  

गंभीर बीमारी की न जांच होती है और न ईलाज, रेफर कर देते हैं देवकमल में

नागरिक प्रयास संस्‍था के अमृतेश पाठक ने बताया कि एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार नगर निगम अस्‍पताल के मेंटनेंस के लिए हर साल 10 लाख रुपये लेती है. शर्त के मुताबिक नगर निगम देवकमल हॉस्पिटल के मुनाफे का 20 फीसदी हिस्‍सा रांची नगर निगम को देना है, पर यह अस्‍पताल हमेशा से ही नुकसान में है, इसलिए अस्‍पताल ने कभी नगर निगम को कुछ दिया ही नहीं. नगर निगम का यह अस्‍पताल देवकमल हॉस्पिटल के लिए रेफरल अस्‍पताल बन कर रह गया है. यहां मरीज आते भी हैं तो उन मरीजों को बजरा स्थित देवकमल हॉस्पिटल रेफर कर दिया जाता है.

नगर निगम के इस अस्‍पताल में नहीं आते मरीज

पहले तो नगर निगम का यह अस्‍पताल कई सालों तक बंद रहा. जब इसे चालू करने की कोशिशें शुरू हुई, तो कोई इसके साथ करार करने के लिए आगे नहीं आ रहा था. नगर निगम हॉस्पिटल को चलाने का जिम्मा देवकमल हॉस्पिटल ने अपने हाथों में ले तो लिया, पर यहां ट्रीटमेंट के लिए पेसेंट्स नहीं पहुंच रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः सरकार बेइमान हो चुकी है, इसे उखाड़ फेंकेंगेः सुबोधकांत

डॉक्‍टर करते हैं मरीजों का इंतजार

palamu_12

नगर निगम देवकमल हॉस्पिटल के डॉक्‍टर विनीता सिन्‍हा ने बताया ओपीडी में हर रोज 15-20 मरीज ही आते हैं. यहां हर रोज ओपीडी में जनरल फिजीशियन आते हैं और मरीज का इंतजार करते हैं. अस्‍पताल में सभी तरह के विशेषज्ञ डॉक्‍टर्स की सुविधा है. जब मरीज आते हैं तो वो डॉक्‍टर ऑन कॉल उपलब्‍ध होते हैं. अस्‍पताल में मरीजों के भर्ती होने की सुविधा है पर अब तक कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ. गंभीर बीमारी के मरीज मुश्किल से ही यहां आते हैं.

ओपीडी की फीस सौ रुपए, फिर भी नहीं आते मरीज

डॉ वीनिता ने बताया कि इस हॉस्पिटल में ओपीडी के लिए सौ रुपए फीस है, इसके बाद भी ट्रीटमेंट के लिए पेसेंट्स यहां नहीं आ रहे हैं. लोग इसे नगर निगम का अस्‍पताल समझते हैं, जहां मरीजों का फ्री ईलाज होता है, पर यहां ऐसा नहीं है, यह देवकमल द्वारा संचालित नगर निगम का अस्‍पताल है और मरीजों के ईलाज के लिए ओपीडी शुल्‍क सिर्फ 100 रुपये है, लेकिन लोग इसे फ्री का अस्‍पताल समझते हैं. जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी में हम जरूरतमंद लोगों का ईलाज मुफ्त भी करते हैं और दवाओं के भी पैसे नहीं लेते.

इसे भी पढ़ें- पंडरा कृषि बाजार में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की राह आसान नहीं

क्‍या कहता है रांची नगर निगम

रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा ने बताया कि रातू रोड चौक स्थित नगर निगम अस्‍पताल देवकमल के जिम्‍मे है. वहां मरीजों का ईलाज कैसा हो रहा है. देवकमल अस्पताल शर्तों को पूरा कर रहा है या नहीं यह जांच का विषय है. जल्‍द ही वो खुद इसकी जांच करेंगी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: