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दुर्लभ बीमारी के शिकार हैं सलमान, चैरिटी को मानते हैं अपना फर्ज

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News Wing Desk : काला हिरन शिकार मामले में सलमान खान को कोर्ट ने दोषी करार दिया है. जबकि तब्बू, सैफ अली खान, नीलम और सोनाली बेंद्रे को कोर्ट ने बरी कर दिया है. इस मामले में कोर्ट ने सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाई गयी है. सजा के एलान के बाद सलमान खान को कोर्ट से ही जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया. वैसे तो सलमान खान अपने स्टारडम के दम पर फिल्में हिट कराने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन कुछ ऐसे काम भी हैं जो वह लाख कोशिशों के बाद भी नहीं कर पाए. आइए जानते है सलमान के जिंदगी से जुड़े कुछ अनछुए पहलु……..

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सलमान ने गांववालों को दिखाई थी बंदूक

घटना के बारे चश्मदीद बताते है कि  गुडा बिश्नोई के रेजिडेंट्स पटाखों की आवाज से गूंज उठे और गांव के आसपास एक मारूति जिप्सी की संदिग्ध मूवमेंट देखी. ये आवाज सुनने के बाद एक चश्मदीद अपने घर से बाहर निकला और बाकी गांववालों को लेकर सभी घटनास्थल पर पहुंचे थे. जहां उन्होंने दो काले हिरणों को मृत हालत में पाया. गांववालों ने जिप्सी का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट किया. गांववालों ने जिप्सी को रोकने की कोशिश की थी लेकिन सलमान ने उनको बंदूक दिखाई और वहां से भाग निकले थे. गांववालों ने बाइक पर सवार होकर सलमान की गाड़ी का पीछा भी किया था लेकिन वे असफल रहे.

 

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शुरू करना चाहते थे कपड़ों का ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म

 सलमान खान कपड़ों का ई-कॉमर्स शॉपिंग प्लेटफॉर्म खोलना चाहते थे जहां वह अपने ब्रांड बीइंग ह्यूमनऔर अपनी क्लोदिंग लाइन को ऑनलाइन बेचते. लेकिन उनका नाम ही उनके लिए परेशानी बन गया. उन्होंने खान मार्केटब्रांड नाम का इस्तेमाल करते हुए शॉपिंग वेबसाइट ‘khanmarketonline.com’ साल 2015 के आखिर में लॉन्च की थी. अभी उस पर रजिस्ट्रेशन चल रहा था कि उस पर कोर्ट केस हो गया. सलमान खान ने 27 दिसंबर 2015 को ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ‘khanmarketonline.com’ शुरू की थी. हालांकि ये शॉपिंग वेबसाइट कभी भी ऑपरेशनल नहीं हो पाई, लेकिन इस पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया था.

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दुर्लभ बीमारी के शिकार है सलमान

सलमान खान की बीमारी अगर किसी गरीब को हुई होती तो वो मर गया होता. ट्राइजेमिनल न्यूरलजिया नामक बीमारी के शिकार है सलमान.  खुद सलमान इस बीमारी को आत्महत्या बीमारी कहते हैं. इसमें असहनीय दर्द होता है. एक रिसर्च के मुताबिक यह बीमारी कभी-कभार ही सामने आती है. रिसर्च के मुताबिक इस बीमारी के होने की प्रायिकता प्रति हजार में कभी-कभी एक या फिर कभी-कभी 2000 में किसी एक शख्स को होती है. इसमें होने वाले दर्द को बर्दाश्त करने के बजाय लोग आत्महत्या करना पसंद करते हैं. खुद सलमान ने इस बीमारी को आत्महत्या करने वाली बीमारी का नाम दिया था. सबसे अहम बात कि इस खतरनाक बीमारी का भारत में तब कोई इलाज भी नहीं था.

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लोगों ने मुझे ज्यादा ही सिर पर चढ़ा लिया 

एक  इंटरव्यू में सलमान खान ने कहा था कि मैंने प्यार कियाके बाद जब से मैं ऐक्टर बना, तब से लेकर अब तक मेरे करियर का ग्राफ बढ़ता ही गया. कभी-कभी डर लगता है कि जब ये नाम और शोहरत न होगी तो उस दौर को कैसे हैंडल करूंगा. मेरी चैरिटी को लोगों ने बहुत बड़ा हव्वा बना दिया है, मगर मैं तो इसे अपना फर्ज समझता हूं. हम सब बच्चों को ये अपने डैड और मॉम से विरासत में मिला. अलवीरा, अर्पिता और डैड बीईंग ह्यूंमन पर बारीक नजर रखते हैं. मुझे लगता है कि हम सरकार को टैक्स देते हैं, बेहतरी के लिए, तो जिसने इतनी खूबसूरत दुनिया बनाई है, क्या हमें उस गॉड को टैक्स नहीं देना चाहिए? लोग मुझे हीरो कहते हैं, मगर मुझे लगता है कि रियल हीरो वो है जिसे अच्छा काम करते हुए शर्म महसूस न हो. मेरी नजर में रास्ते की गंदगी को साफ करने वाला, सड़क के खुले गटर को बंद करने वाला और किसी बूढ़े-बुजुर्ग के लिए खड़े होकर अपनी सीट ऑफर करने वाला रियल हीरो है. मुझे लगता है, मुझ जैसे आम आदमी को लोगों ने सिर पर चढ़ा लिया है और कुछ नहीं. वरना मैं कोई कमाल नहीं हूं. हां, आप मुझे लकी कह सकते हैं जो सही समय पर सही जगह पर रहा है, वैसे कई बार मैं गलत समय पर गलत जगह पर भी रहा हूं.

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