न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

दुमका : डिग्री दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार (देखें वीडियो)

14

NEWSWING

eidbanner

Dumka, 13 December : राजस्थान के एक विश्वविद्यालय से बीएड के अलावा कई तरह की परीक्षा दिलाने के बहाने एक दर्जन युवकों से करीब सात लाख रुपये हड़पने वाले एक शख्स डॉ पवन कुमार को छात्रों ने पकड़कर बुधवार को नगर थाना की पुलिस के सुपुर्द कर दिया. पवन ने वर्ष 2015 में इन छात्रों से परीक्षा दिलाने के नाम पर पैसा लिया था, लेकिन अभी तक किसी तरह की परीक्षा नहीं करायी. थाना में करीब दो घंटे से अधिक चले ड्रामे के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया. ठगी का मामला दर्ज कर पवन को गुरुवार को जेल भेजा जाएगा.

इसे भी पढ़ें- रांची: न बनी स्क्रूटनी कमिटी, न हुई तथ्यों की जांच फिर कैसे दिया अमेटी यूनिवर्सिटी का दर्जा

क्या है पूरा मामला

पवन कुमार मोरटंगा में विश्वविद्यालय के नाम पर फ्रेंचाइजी चलाता है. वर्ष 2006 से वह अपनी दुकान चला रहा है. वह लोगों से बीएड, नर्सरी टीचर ट्रेनिंग के अलावा एएनएम-जीएनएम का कोर्स कराता है. वर्ष 2015 में उसने एक दर्जन लोगों से करीब सात लाख रुपये लिये, लेकिन आज तक इनकी परीक्षा नहीं करायी. दो साल से वह लगातार पैसा देने को आज-कल का बहाना बनाकर टालते आ रहा था. कभी कहता कि दिसंबर में परीक्षा होगी, कभी कहता अगले साल होगी. युवकों ने जब विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों से परीक्षा लेने की बात कही तो बताया गया कि वर्ष 2015 की परीक्षा 2015 में हो गई. अब किसी तरह की परीक्षा नहीं होगी. ठगी के शिकार युवकों ने पवन को उसके घर से दबोचा और सीधे थाना ले गये. युवकों का कहना था कि अगर पवन उनसे लिए रुपये लौटा देता है तो वे केस नहीं करेंगे .

ऐसे आया नाटकीय मोड़

Related Posts

पूर्व सीजेआई आरएम लोढा हुए साइबर ठगी के शिकार, एक लाख रुपए गंवाये

साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

पैसा वापसी के लिए बात चल ही रही थी तभी भागलपुर के जीरो माइल के समीप की रहने वाली कल्पना कुमारी भी थाने पहुंच गई. उन्होंने पुलिस को बताया कि उसने अपनी दो बेटियों को बीएड व एक को नर्स की ट्रेनिंग कराने के लिए तीन लाख रुपये पवन को दिया था. परीक्षा के लिए जब विवि से संपर्क किया गया तो वहां बताया गया कि उनका कोई पैसा यहां जमा नहीं हुआ है. जब पवन से इस बारे में पूछा तो उसने पैसा देने का प्रमाण मांग लिया. जोर देने पर दुमका की यूनियन बैंक के नाम का 1.70 लाख का चेक दिया. बैंक जाने पर पता चला कि  उसके खाते में कोई पैसा ही नहीं है और चेक बाउंस हो गया. इसके बाद पुलिस ने पवन को हिरासत में लिया. ठगी के शिकार युवकों ने बाकायदा लिखित आवेदन देकर संचालक पर कार्रवाई की मांग की.

इसे भी पढ़ें- जमीन के दस्तावेज देखे बिना सरकार ने दिया अमेटी को यूनिवर्सिटी का दर्जा, प्रबंधन और अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी

नगर थाना के पुलिस निरीक्षक अजय कुमार केशरी कहते हैं कि मामला संज्ञान में आया है. युवकों की शिकायत पर मामला दर्ज किया जाएगा. संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: