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दिनाकरण गुट ने इलाजरत जयललिता का वीडियो जारी किया, हेल्थ ड्रिंक पी रहीं

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Chennai : आरके नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले अन्नाद्रमुक के विरोधी टीटीवी दिनाकरण गुट ने आज बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता का अस्पताल के दौरान का वीडियो जारी किया. तमिलनाडु की दिवंगत सीएम जयललिता के अस्पताल में आखिरी दिनों में इलाज को लेकर कई विवाद चल रहे हैं. इसी बीच इस वीडियो को टीटीवी दिनाकरण गुट के एक नेता पी वेटरीवेल ने जारी किया है. वहीं जयललिता की मौत के एक साल के बाद दिनाकरण गुट ने यह वीडियो जारी किया है.

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वीडियो में काफी कमजोर दिख रहीं जयललिता

गौरतलब है कि जयललिता का इलाज अपोलो अस्पताल में किया गया था और इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी. जारी वीडियो में करीब 20 सेकंड की फुटेज में अन्नाद्रमुक सुप्रीमो कमजोर और स्ट्रॉ की मदद से कुछ पीती नजर आ रही हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि वह हेल्थ ड्रिंक पी रही हैं.

टेलीविजन चैनल तत्काल रोक दें इस वीडियो क्लिप का प्रसारण

तमिलनाडु के मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश लखोनी ने बताया कि टेलिविजन चैनलों से इस वीडियो क्लिप का प्रसारण तत्काल रोकने को कहा गया है. जयललिता को पिछले साल बुखार और शरीर में पानी की कमी की शिकायत के बाद अपोलो अस्पताल में 22 सितंबर को भर्ती कराया गया था. 75 दिन तक अस्पताल में रहने के बाद पांच दिसंबर को उनका निधन हो गया था.

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इस मकसद से जारी किया गया वीडियो

सूत्रों का कहना है कि दिनाकरण गुट की कोशिश है कि पार्टी में लगातार जारी वर्चस्व की लड़ाई में वे इस वीडियो के जरिये जयललिता की विरासत पर दावा पेश कर सकें. पिठले साल 5 दिसंबर को मृत्यु से पहले तीन महीने तक जयललिता अस्पताल में रही थीं. किसी ने भी उन्हें अस्पताल में नहीं देखा था, जिससे उनके इलाज और हालत को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. शशिकला उन्हें किन हालात में लेकर अस्पताल पहुंची थीं, इस पर सवाल भी खड़े किए गए थे. लोगों का मानना था कि जिस वक्त जयललिता को अस्पताल में लाया गया था उस वक्त उनकी मृत्यु हो चुकी थी, और सिर्फ राजनैतिक फायदे के लिए उन्हें अस्पताल में रखे जाने का दावा किया गया था.

भार्ती कराये जाने के वक्त बेहाशी की हालत में थी जयललिता

अपोलो अस्पताल ने कहा था कि 22 सितंबर को अस्पताल लाए जाने पर जयललिता बेहोशी की हालत में थीं. दिनाकरण ने पहले भी कहा था कि उनके पास वीडियो के रूप में इस बात का सबूत मौजूद है कि वह जीवित थीं, और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन वह इसे जाहिर नहीं करना चाहते थे, क्योंकि शायद जयललिता को यह पसंद नहीं आता कि लोग उन्हें इस हालत में देखें.
 

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अस्पताल ने वीडियो को लेकर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

वीडियो की सत्यता को लेकर पूछे गए सवाल पर अपोलो अस्पताल ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि फुटेज की तारीख और समय की जानकारी नहीं है. लखोनी ने कहा कि चुनाव नियम के तहत मतदान के दिन से 48 घंटे पहले तक चुनाव से संबंधित कोई भी चीज दिखाने या प्रसारित करने पर पाबंदी है.

इधर सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सूत्रों ने इस वीडियो पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. ज्ञात हो कि जयललिता आरके नगर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करती थीं.

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