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दारू-दारू हुई झारखंड की राजनीति- जेएमएम विधायकों को खुलवानी है अपने घर में शराब दुकान तो लिस्ट बना कर दें: बीजेपी, 12 दिसंबर को बियर लेकर जाऊंगा विधानसभा, सीएम को करूंगा गिफ्टः जेएमएम

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Ranchi, 08 December : सूबे में छिड़ी शराब की बहस पर गालिब, इकबाल और फराज भी गश खा जायें. गालिब ने कहा- जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर, या वो जगह बता जहां खुदा नहीं. तो इस पर इकबाल ने लिखा- मस्जिद खुदा का घर है पीने की जगह नहीं, काफिर के दिल में जा वहां खुदा नहीं. आखिर में फराज ने लिखा- काफिर के दिल से आया हूं मैं ये देखकर, खुदा मौजूद है वहां उसको पता नहीं. जब दर्द, खुशी और हालात को शब्दों में पिरोने वाले इन महान शायरों के बीच शराब को लेकर बहस हो सकती है, तो राजनीति में शह और मात का खेल खेलने वाले बहस क्यों नहीं कर सकते हैं. जी बिलकुल कर सकते हैं और खूब कर भी रहे हैं. झारखंड में बीजेपी और जेएमएम विधानसभा परिसर में शराब दुकान खुलवाने को लेकर आमने-सामने हैं. शुरुआत जेएमएम की तरफ से हुई तो भला सत्तानशीं बीजेपी कैसे चुप रह सकती है.

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जेएमएम की अगली मांग शराब घर पर पार्सल से भेजी जाएः बीजेपी

शराब पर छिड़ी बहस को और हवा बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और दीनदयाल बर्णवाल ने दी. मीडिया के सामने प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जेएमएम के विधानसभा परिसर में शराब दुकान खुलवाने की मांग बेहद शर्मनाक, अफसोसजनक और निंदनीय है. कहा- जहां सरकार शराबबंदी की ओर धीरे-धीरे बढ़ रही है, वहां विपक्ष लोकतंत्र के मंदिर में शराब की दुकान खुलवाने की बात करता है. ऐसी बात कह कर जेएमए के कुणाल षाडंगी ने ओछी मानसिकता का परिचय दिया है और हेमंत सोरेन ने इस बात का समर्थन कर सारी हदों को पार कर दिया है. उन्होंने कहा कि जेएमएम को सींचने वाले शिबू सोरेन ने सबसे पहले शराब के खिलाफ ही आंदोलन कर जेएमएम को स्थापित करने की कोशिश की थी. लेकिन, अब वही पार्टी के विधायक और मुखिया ने शराब की दुकान लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा परिसर में खुलवाने की मांग कर गुरु जी के सपनों को चकनाचूर कर दिया है. कहा- जेएमएम के विधायकों को शराब खरीदने में इतनी ही दिक्कत हो रही है तो वो अपने सभी शराब पीने वाले विधायक का नाम लिस्ट बना कर दें. सरकार उनके घर पर शराब दुकान खुलवाने पर विचार कर सकती है. वहीं पार्टी प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल ने कहा कि जेएमएम के पास अब कोई मुद्दा ही नहीं बचा है. जिस पर वो बहस करें. इसलिए अब शराब पर बहस हो रही है. जेएमएम अब यह मांग भी कर सकती है कि उनके घर पर पार्सल से शराब भेजी जाए.

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हम लिस्ट देने को तैयार, लेकिन पहले अपनी लिस्ट को तैयार करे बीजेपीः कुणाल

इधर कुणाल षाडंगी ने कहा कि हम अपने विधायकों की लिस्ट बना कर देने को तैयार हैं. लेकिन पहले बीजेपी अपने विधायकों की तो लिस्ट तैयार करा लें. कहाः सिर्फ जेएमएम के विधायकों की बात क्यों हो रही है. क्या बीजेपी के विधायकों को शराब खरीदने में दिक्कत नहीं होती है. उन्हें लाइन में नहीं लगना होता है क्या? या फिर उनकी कोई और सेटिंग है. जिस लोकतंत्र के मंदिर की दुहायी बीजेपी दे रही है. उसी लोकतंत्र की मंदिर में बैठकर सरकार ने शराब बेचने का निर्णय लिया. बरहागोरा में अस्पताल और मंदिर के पास शराब दुकान बीजेपी सरकार ने खुलवायी. विरोध के बाद उन्हें वहां से हटाना भी पड़ा. विधायक ने कहाः मैं तो शीतकालीन सत्र शुरू होने के दिन 12 दिसंबर को एक बियर की बोतल अपने साथ लेकर जाऊंगा और सीएम साहब को गिफ्ट करूंगा. पूछे जाने पर श्री षाडंगी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर एक पत्र भी लिखा है.     

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