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डालटनगंज: फिर शुरू हुई अफीम की खेती, पुलिस ने तेज की कार्रवाई, फसल किये नष्ट

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News Wing
Daltonganj, 09 December:
नक्सल प्रभावित पलामू जिले में एक बार फिर नशे की खेती शुरू हो गयी है. पोस्ता (अफीम) की खेती की जा रही है. इसके लिए बकायदा खेत तैयार किए जा रहे हैं और पटवन के साधन विकसित किए गए हैं. बड़े भू-भाग पर खेती की तैयारी की गयी है.

मनातू, पांकी और तरहसी में खेती की तैयारी

जिले के सघन नक्सल प्रभावित मनातू, पांकी और तरहसी इलाके में पोस्ते की खेती की तैयारी की गयी है. ये वैसे इलाके हैं, जहां पिछले वर्ष पुलिस और सीआरपीएफ ने अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी और कई एकड़ में लगी पोस्ते की फसल को नष्ट किया था. तमाम कार्रवाई के बावजूद कुछ माह बीतने के बाद ही पोस्ते की खेती फिर से शुरू की जा रही है. इससे साफ होता है कि लोगों पर कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ा है.

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नक्सलियों और अपराधियों के गठजोड़ से खेती

पोस्ता की खेती शुरू करने में नक्सलियों और अपराधियों की गठजोड़ सामने आयी है. नक्सली और अपराधी अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से कारोबार को समर्थन देते हैं. इससे उन्हें मोटी रकम मिलती है, जिससे वे हथियार सहित अन्य अवैध सामान खरीदते हैं. ग्रामीणों को भी इस खेती को करने में बढ़िया मुनाफा होता है. नतीजा इस लोभ में किसान अपनी पारंपरिक खेती को छोड़ पोस्ता की खेती में लग जाते हैं.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

हालांकि इलाके में खेती शुरू होने की सूचना मिलने पर पलामू पुलिस की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गयी है. जिले के नक्सल प्रभावित मनातू थाना क्षेत्र के चिरी-जसपुर गांव में लगाए जा रहे पोस्ते की खेती के विरूद्ध छापामारी दल द्वारा कार्रवाई की गयी. मनातू के अंचलाधिकारी (मजिस्ट्रेट) के साथ वन क्षेत्र पदाधिकारी के साथ डीएसपी हीरा लाल रवि ने चार से पांच एकड़ में लगायी जा रही फसल को नष्ट किया. वहीं बड़े भू-भाग पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने ट्रैक्टर का सहयोग लिया.

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खेती में प्रयुक्त कई सामान जब्त

छापेमारी टीम की कार्रवाई को देखते हुए खेती में लगे कई लोग मौके से भाग निकले. वहीं टीम ने खेती वाले स्थान से मोटरसाइकिल, पांच वाटर पंप सेट, दो सेक्शन पाइप बरामद किया गया. खेती में शामिल आठ लोगों को चिन्हित किया गया है. उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गयी है.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की तैयारी

जिन इलाकों में खेती की सूचना मिल रही है, वहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की गयी है. मुखिया से स्पष्टीकरण मांगी जा रही है. एनडीपीएस एक्ट की धारा 47 में प्रावधान है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि का भी यह कर्तव्य है कि अगर उनके क्षेत्र में पोस्ता की खेती की जाती है तो पुलिस पदाधिकारी को यह सूचना दें. लेकिन तमाम जागरूकता और जानकारी के बाद भी जनप्रतिनिधि अपनी जवाबदेही सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं.

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