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टेक्नोलॉजी में उतना ही परिवर्तन करें, जितना हम उनपर नियंत्रण कर सकें: हरिवंश

Ranchi: सरकार बहुत ही प्रभावी ढंग से काम कर रही है. जिसका फायदा लोगों को आसानी से मिल रहा है. हमें टेक्नोलॉजी को किस हद तक परिवर्तन की इजाजत देनी है ये हम खुद तय करें. टेक्नोलॉजी में उतना ही परिवर्तन लाना चाहिए जितना हम उन्हें संभाल सकें. ऐसा ना हो कि टेक्नोलॉजी हमपर राज करने लगे. इस बात का ध्यान रखना होगा कि हमेशा हम टेक्नोलॉजी पर राज करें. यह बातें राज्यसभा सांसद सह वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश ने बीटक्वाइन और ब्लॉकचैन विषय पर आयोजित परिचर्चा के दौरान कही. आयोजन चैंबर भवन में हो रहा था.

 बीटक्वाइन एक तिलिस्मी दुनिया: महेश पोद्दार

कार्यक्रम में मौजूद राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि बीट करंसी एक ऐसी करेंसी है जिसकी वैल्यू ऊपर-नीचे होते रहती है. यह एक तिलिस्मी दुनिया है. एक एहसास है, जिसे किसी ने देखा नहीं है. कहा, राज्यसभा सांसद हरिवंश जी को बीट करेंसी के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. मामले पर पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ मनमोहन सिंह को भी ज्यादा जानकारी नहीं है. मुझे भी इस बारे जानकारी ना के बराबर है. इसलिए मैं यहां इसके बारे जानने आया हूं.

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क्या थी परिचर्चा

बीट क्वाइन और ब्लॉकचैन विषय पर शनिवार को चैंबर की ओर से चैंबर भवन में परिचर्चा का आयोजन किया गया था. यह एक ऐसी करेंसी है जिसकी वैल्यू उपर नीचे होती है. यह एक ऐसा विषय है जिसपर आनेवाले सालों में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था टिकी होगी.

क्या है बीट क्वाइन

बीट क्वाइन का कुछ भी भौतिक नहीं है. ये महज एक कोड है. एक तरह का चेन है. इसे अच्छी तरह से समझने की जरुरत है. क्योंकि आने वाले समय में कई देशों की अर्थव्यवस्था इसपर टिकी होगी. बीट क्वाइन एक डिजिटल माध्यम है, जिससे बहुत सारे लोगों तक पहुंचा जा सकता है. यह सिर्फ एक कोड है, जो भौतिक रुप में मौजूद नहीं है. हालांकि भारत सरकार बीट करेंसी नहीं मानती है. इस परिचर्चा में बीट क्वाइन और क्राइप्टो करेंसी, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और इसके असर पर चर्चा हुई. साथ ही क्राइप्टो करेंसी कैसै काम करता है, इसे विशेषज्ञ डॉ शिवेंदु ने पीपीटी के माध्यम से लोगों को समझाने का प्रयास किया. 

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