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टीटीपीएस एमडी का मामला उठा रहा है सरकार की मंशा पर सवाल, इंटरव्यू के 103 दिन बीते पर संस्पेस अब-तक कायम

Akshay Kumar Jha

Ranchi:  झारखंड सरकार की एक मात्र बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी टीटीपीएस (तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन) 2015 से ही एक एमडी (मैनेजिंग डायरेक्टर) के लिए जद्दोजहद कर रहा है, लेकिन 2018 मार्च तक सरकार को ऐसा एक भी उम्मीदवार नहीं मिला जो इस पद के काबिल हो. आखिरी बार 25 नवंबर को यानि खबर लिखने से 103 दिन पहले एमडी के लिए इंटरव्यू हुआ था, लेकिन कुर्सी पर आज भी कार्यवाहक एमडी ही बैठे हुये हैं. कारण तमाम बताये जा रहे हैं. साथ ही साथ कई तरह के कयास भी लगाये जा रहे हैं. कंपनी घाटे में है और एमडी की फाइल राजभवन की टेबल पर धूल फांक रही है. दूसरी तरफ यह बताने वाला कोई नहीं है कि आखिर एमडी नियुक्ति नहीं होने की असली वजह क्या है. टीटीपीएस की एमडी की पूरी स्क्रिप्ट पर चार साल से ज्यादा से संस्पेंस कायम है. क्या सरकार सच में चाहती है कि कोई काबिल उम्मीदवार टीटीपीएस के एमडी के कुर्सी पर बैठे.

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क्या फिर से कैंसिल होगी इंटरव्यू ?

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एक तरफ खबर यह है कि 25 नवंबर के इंटरव्यू के बाद तीन लोगों का नाम फाइनल कर दिया गया है. अब उर्जा विभाग को तीनों लोगों की विजिलेंस जांच करानी है. इसके लिए उर्जा विभाग तीनों उम्मीदवारों की कंपनी जहां वो कार्यरत हैं, वहां से एनओसी (नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट) मंगानी है. जहां वो कार्यरत हैं वो कंपनी अगर यह लिख कर देती है कि उम्मीदवार पर किसी तरह का कोई आरोप, या किसी तरह की कोई जांच नहीं हो रही है, तो उर्जा विभाग उस उम्मीदवार के नाम के साथ स्वच्छता प्रमाण पत्र लगाकर राज्यपाल को भेजेगा. जहां उस नाम पर मुहर लगेगी और उन्हें टीटीपीएस का एमडी बना दिया जायेगा. वहीं अगर तीनों उम्मीदवार विजिलेंस जांच में किसी मामले में आरोपी या किसी तरह की कोई जांच में शामिल पाये गये, तो तीनों के नाम रद्द कर दिये जायेंगे. ऐसे में एक बार फिर से छठी बार टीटीपीएस के एमडी की इंटरव्यू कैंसिल हो जायेगी. दोबारा सांतवी बार फिर से इंटरव्यू के लिए विज्ञप्ति निकाली जायेगी.

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नाम तय हुये हैं इस पर भी संशय है

दूसरी तरफ खबर यह है कि 25 नवंबर के इंटरव्यू के बाद फाइल उर्जा विभाग की तरफ से राज्यपाल को भेज दी गयी है. चार महीने बीत गये, लेकिन उन नामों पर मुहर नहीं लग पायी है, जिनकी विजिलेंस जांच करायी जाये. एक बात यह भी आ रही है कि राज्यपाल के प्रधान सचिव एसके सत्पति के रिटायरमेंट की वजह से भी फाइल लटकी हुई है. सूत्र बताते हैं कि जब नाम ही फाइनल नहीं हुआ है तो आखिर कैसे विजिलेंस जांच करायी जा सकती है. एक बार नाम फाइनल हो जाये को उर्जा विभाग की तरफ से विजिलेंस जांच की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. ऐसे में मामला अभी कुछ और दिनों तक लटका ही माना जा रहा है.           

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पांच बार कैंसिल होने के बाद 25 नवंबर को हुआ था इंटरव्यू

 उर्जा विभाग की ओर से 7 अक्टूबर 2015 को पहली बार टीचीपीएस के नये एमडी के लिए विज्ञापन जारी किया गया. दोबारा 20 जनवरी 2016 को विज्ञापन प्रकाशित की गयी. 22 मार्च 2017 को इंटरव्यू की पहली तारीख तय हुयी. ऐन वक्त पर इंटरव्यू को कैंसिल कर दिया गया. पांच मई 2017 को इंटरव्यू की तिथि पूर्व निर्धारित थी. लेकिन अचानक से उस इंटरव्यू को भी कैंसिल कर दिया गया था.  नौ जून 2017 को इंटरव्यू की तिथि की घोषणा की गयी, बाद में उसको भी कैंसिल कर दिया गया. सात अक्टूबर को इंटरव्यू की तारीख रखी गयी थी. लेकिन मुख्य सचिव के आदेश से उस इंटरव्यू को भी कैंसिल कर दिया गया. इसके बाद 25 नवंबर को इंटरव्यू हुआ. इंटरव्यू के दौरान यह बात भी सामने आयी थी कि बोर्ड की डायरेक्टर पूर्व राजबाला वर्मा इंटरव्यू के वक्त वहां मौजूद नहीं थी. इस वजह से भी एमडी नियुक्ति में दिक्कत पेश आयी थी.

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