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झारखंड में 5522 पुरुष व 5297 महिला भिखारी, पश्चिम बंगाल में भिखारियों की संख्या सबसे अधिक, लक्षद्वीप में सिर्फ दो

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New Delhi: हम कहीं भी जाएं भिखारी मिलना आम सी बात है. जाहे वो कोई धार्मिक स्थल हो, या पर्यटन स्थल. हर कहीं भिखारी दिखाई देते हैं. लेकिन आपको ये जानकार थोड़ी हैरानी जरुर होगी कि देश में सबसे ज्यादा भिखारियों की संख्या पश्चिम बंगाल में है, जबकि दो भिखारियों के साथ लक्ष्यद्वीप निचले पायदान पर है. झारखंड भिखारियों की संख्या के मामले में 12वें स्थान पर है. लोकसभा में सामाजिक कल्याण मंत्रालय के मंत्री थावरचंद गहलोत ने देशभर में भिखारियों की संख्या का डेटा पेश किया. दिए गए आंकड़े के अनुसार देश में इस समय कुल 4 लाख 13 हजार 760 भिखारी हैं जिनमें 221673 भिखारी पुरुष और बाकी महिलाएं हैं. भिखारियों की संख्या में पश्चिम बंगाल पहले पायदान पर है. पश्चिम बंगाल में कुल 81224 भिखारी हैं, इनमें 33086 पुरुष और 48158 महिलाएं हैं. वहीं दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है. जहां कुल 65838 भिखारी हैं, इनमें 41859 पुरुष और 23976 महिलाएं है. भिखारियों के मामले में आंध्र प्रदेश तीसरे नंबर पर है. जहां भिखारियों की कुल संख्या 30218 है, जिसमें 16264 पुरुष और 13954 महिला भिखारी हैं.

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झारखंड 12 वें पायदान पर

केंद्रीय मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किए गए डाटा के अनुसार झारखंड भिखारियों की संख्या में 12वें नबंर पर हैं. जहां 5522 पुरुष 5297 महिला भिखारी है. वही बिहार इस मामले चौथे स्थान पर है. जहां 29723 भिखारी हैं, इनमें 14842 पुरुष और 14881 महिलाएं है. सबसे कम भिखारियों की संख्या लक्षद्वीप में है.

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पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति बेहतर

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लोकसभा में पेश आंकड़ों के हिसाब से भिखारियों की संख्या के मामले में पूर्वोत्तर के राज्यों की स्थिति काफी बेहतर है. पूर्वोत्तर के राज्यों में भिखारियों की संख्या बहुत कम है. अरुणाचल प्रदेश में सिर्फ 114 भिखारी हैं, नगालैंड में 124 और मिजोरम में सिर्फ 53 भिखारी ही हैं. संघ शासित प्रदेश दमन और दीव में 22 भिखारी हैं तो लक्षद्वीप में सिर्फ 2 ही भिखारी हैं.

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