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झारखंड में स्वास्थ्य, कुपोषण, शिक्षा की स्थिति बदतर, पिछड़े 115 जिलों में झारखंड के 19 जिले शामिल: नीति आयोग

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News Wing
New Delhi, Ranchi, 09 December:
नीति आयोग ने एक प्रजेंटेशन के द्वारा कहा कि झारखंड में बच्चों के स्वास्थ्य, कुपाेषण,  प्राथमिक शिक्षा, डॉक्टरों की उपलब्धता और गांवों में बिजली पहुंचाने की स्थिति बदतर है.  प्रजेंटेशन के मुताबिक देश के पिछड़े 115 जिलों में झारखंड के 19 जिले शामिल हैं. यह प्रजेंटेशन शुक्रवार को वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने नीति आयोग ने प्रस्तुत किया.  यह प्रजेंटेशन नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी निदेशक अमिताभ कांत ने दिया. इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली, पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी आदि सदस्य मौजूद थे.

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गौरतलब है कि नीति आयोग  झारखंड समेत तीन खराब प्रदर्शन करनेवाले राज्यों की स्थिति में सुधार के लिए एक अलग रणनीति बना रहा है. और यह रणनीति आयोग के अध्यक्ष पीएम मोदी की देखरेख में तैयार की जाएगी.

कुपोषण के मामले में झारखंड की स्थिति बिहार से भी खराब

प्रजेंटेशन के मुताबिय कुपोषित बच्चों के मामले में झारखंड की स्थिति बिहार से भी खराब है. झारखंड में 100 में से 47 से अधिक बच्चे कुपोषण के शिकार है. जिसकी वजह से बच्चों का विकास नहीं हो पा रहा है. वहीं कुपोषण की वजह से बच्चों का विकास नहीं होने के कारण झारखंड देश के उन तीन राज्यों में शामिल है जहां की हालत बहुत ही खराब है. अब अगर डॉक्टरों की उपलब्धता के बारे में बात किया जाए तो इसमें भी झारखंड की स्थिति बहुत खराब है. रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के मरीज भगवान भरोसे हैं.

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शिक्षा के क्षेत्र में भी झारखंड पीछे

नीति आयोग ने प्रजेंटेश के एक स्लाइड में शिक्षा के बारे में बताया है कि कक्षा पांच के छात्र, जो कक्षा दो की अंग्रेजी पढ़ या समझ पाते हैं, इस मामले में झारखंड के बच्चों की स्थिति भी ठीक नहीं कही जा सकती है. तीन खराब राज्यों में झारखंड भी शामिल है. गांवों के घरों में बिजली पहुंचाने के मामले में झारखंड का पिछड़ापन इस प्रजेंटेशन में खुल कर सामने आ गया.

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सुधार के लिए रणनीति बना रहा आयोग

झारखंड में पांच साल तक के  45.3 प्रतिशत बच्चे कुपोषित
झारखंड देश के सर्वाधिक कुपोषित तीन राज्यों में शामिल
पांच साल से कम उम्र के 47.8% बच्चे अंडरवेट, देश में यह सर्वाधिक
पांचवी तक के 36% बच्चे ही दूसरी कक्षा की अंग्रेज़ी की किताब पढ़ सकते हैं
स्वास्थ्य के आधारभूत संरचना के मामले में पिछड़े तीन राज्यों में शामिल
एक हजार की आबादी पर 0.14 डॉक्टर
एक हजार की आबादी पर 0.24 ही बेड

उल्लेखनीय है कि नीचे के तीन राज्यों में पहले नंबर पर बिहार, दूसरे नंबर पर नगालैंड और तीसरे नंबर पर झारखंड है.

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